BBMKU Senate Meeting, धनबाद: करीब छह साल के लंबे अंतराल के बाद बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (BBMKU) धनबाद की बहुप्रतीक्षित सीनेट बैठक आयोजित की गई, लेकिन यह बैठक पूरी नहीं हो सकी। बैठक में विश्वविद्यालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और निर्णय होना था, लेकिन सीनेट सदस्यों को एजेंडे की प्रतियां पहले से उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण सदस्यों ने चर्चा में असमर्थता जताई। सदस्यों का कहना था कि एजेंडे की जानकारी और संबंधित दस्तावेज पहले से उपलब्ध होने जरूरी हैं, ताकि प्रत्येक प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया जा सके। इसी वजह से बैठक को आगे बढ़ाने में परेशानी हुई।
Highlights:
एजेंडे की कॉपी नहीं मिलने से अटकी चर्चा
सीनेट बैठक को लेकर विश्वविद्यालय से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की उम्मीद थी। लंबे समय बाद हो रही बैठक के कारण सदस्यों के बीच भी इसे लेकर खासा इंतजार था। हालांकि, बैठक शुरू होने के बाद एजेंडे की कॉपी सदस्यों को उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा सामने आया। सदस्यों ने कहा कि बिना एजेंडे को पहले पढ़े और समझे किसी प्रस्ताव पर सार्थक चर्चा करना संभव नहीं है। इस स्थिति के कारण बैठक में रखे जाने वाले प्रस्तावों पर अपेक्षित तरीके से विचार-विमर्श नहीं हो सका और बैठक अधूरी रह गई।
छह साल बाद बैठक से थी महत्वपूर्ण फैसलों की उम्मीद
BBMKU की सीनेट बैठक लंबे समय बाद आयोजित होने के कारण विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, प्रशासनिक और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर फैसले की उम्मीद की जा रही थी। सीनेट विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसे में लंबे अंतराल के बाद हुई बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की संभावना थी। लेकिन एजेंडे की प्रतियां उपलब्ध नहीं होने के कारण बैठक में उन विषयों पर विस्तार से चर्चा नहीं हो सकी।
13 अक्टूबर को होगी अगली बैठक
बैठक अधूरी रहने के बाद अब अगली बैठक की तारीख 13 अक्टूबर निर्धारित की गई है। उम्मीद है कि अगली बैठक से पहले सीनेट के सदस्यों को सभी एजेंडों और संबंधित प्रस्तावों की प्रतियां उपलब्ध करा दी जाएंगी। इसके बाद सदस्य प्रस्तावों का अध्ययन कर सकेंगे और बैठक में उन पर चर्चा तथा आवश्यक निर्णय की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

बैठक में विधायक समेत कई सदस्य रहे मौजूद
सीनेट की बैठक में धनबाद के विधायक राज सिन्हा, टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो, विधायक उमाकांत रजक, विधायक चंद्रदेव महतो और विधायक मंजू कुमारी समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे। बैठक के दौरान सदस्यों की ओर से एजेंडे की प्रतियां उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा उठाया गया। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर विधायक मथुरा प्रसाद महतो, विधायक राज सिन्हा और BBMKU के कुलपति प्रोफेसर डॉ. राम कुमार सिंह की प्रतिक्रिया भी सामने आई। अब सबकी नजर 13 अक्टूबर को होने वाली अगली बैठक पर है, जहां एजेंडों की प्रतियां उपलब्ध होने के बाद विश्वविद्यालय से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा आगे बढ़ने की उम्मीद है।






















