Rupi Soren Story, रामगढ़: झारखंड की राजनीति में लंबे समय तक प्रभाव रखने वाले शिबू सोरेन के संघर्ष की कहानी सिर्फ आंदोलन, जंगल और जेल तक सीमित नहीं रही। इस संघर्ष के दौरान उनके परिवार की जिम्मेदारी संभालने वाली रूपी सोरेन का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। शिबू सोरेन के आंदोलन और जेल में रहने के दौर में रूपी सोरेन ने परिवार और जमीन से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी संभाली। उनके जीवन का एक किस्सा उनके साहस और दृढ़ता को सामने रखता है।
Highlights:
शिबू सोरेन जेल में थे, खेत पर पहुंच गया था महाजन
बताया जाता है कि नेमरा में जमीन को लेकर महाजनों का दबाव रहा करता था। इसी दौर में एक दिन बिष्टु साव नाम का महाजन कुछ लोगों के साथ रूपी सोरेन के खेत पर पहुंचा। उस समय शिबू सोरेन जेल में बंद थे। महाजन ने खेत पर जबरन हल चलाकर जमीन जोतना शुरू कर दिया। रूपी सोरेन ने इसका विरोध किया और उसे खेत जोतने से रोकने की कोशिश की।
विरोध नहीं माना तो उठा लिया हसुआ
बताया जाता है कि जब महाजन ने उनकी बात नहीं मानी तो रूपी सोरेन ने धान काटने वाला हसुआ उठा लिया। इसके बाद वह महाजन के पीछे दौड़ पड़ीं। विवरण के मुताबिक, रूपी सोरेन ने महाजन को पकड़ लिया और उसके कपड़े तक फाड़ दिए। इसके बाद उन्होंने अपनी ननद को आवाज लगाई और उसे पकड़ने के लिए कहा।
ननद के साथ मिलकर महाजन का किया विरोध
किस्से के अनुसार रूपी सोरेन ने अपनी ननद के साथ मिलकर महाजन की पिटाई की। हालात बिगड़ते देख महाजन वहां से भाग निकला। बताया जाता है कि इस घटना के बाद उसने दोबारा उस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश नहीं की।
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शिबू सोरेन के संघर्ष में रूपी सोरेन की अपनी लड़ाई
रूपी सोरेन का यह किस्सा उस दौर की पारिवारिक और सामाजिक परिस्थितियों की एक तस्वीर पेश करता है। जब शिबू सोरेन आंदोलन और जेल के कारण घर से दूर रहते थे, तब रूपी सोरेन परिवार के साथ जमीन और अपने अधिकारों की जिम्मेदारी भी संभालती थीं। उनके जीवन से जुड़ी यह घटना बताती है कि शिबू सोरेन के संघर्ष के पीछे परिवार के स्तर पर भी कई चुनौतियां थीं, जिनका सामना रूपी सोरेन ने किया।
लंबे समय से अस्वस्थ थीं रूपी सोरेन
रूपी सोरेन का बुधवार रात रांची के हिल व्यू अस्पताल में निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रही थीं। उनके निधन से सोरेन परिवार, झामुमो और उनके समर्थकों में शोक का माहौल है। रूपी सोरेन के निधन के बाद उनके जीवन से जुड़े संघर्ष और साहस के ऐसे किस्से फिर चर्चा में हैं, जो उनके व्यक्तित्व के दूसरे पहलू को सामने लाते हैं।






















