Dhanbad Murder Case: राम प्रताप प्रसाद हत्याकांड के आरोपी शंकर डे उर्फ पिंकू डे को मंगलवार देर शाम मैथन से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने पैसे के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में राम प्रताप की हत्या करने की बात बतायी। इसके बाद पुलिस उसे हथियार बरामद करने के लिए टुंडी प्रखंड के मनियाडीह इलाके में ले गयी, जहां देर रात फायरिंग की घटना हुई। पुलिस का कहना है कि हथियार बरामदगी के दौरान आरोपी ने एक एएसआइ की पिस्टल छीन ली और गोली चलाते हुए भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन कर गोली निकाल दी गयी।
Highlights:
तीन महीने से लापता थे राम प्रताप प्रसाद
जानकारी के अनुसार, गोंदूडीह ओपी क्षेत्र के नौ नंबर खरीकाबाद निवासी मीना देवी ने करीब तीन महीने पहले अपने पति राम प्रताप प्रसाद के लापता होने की शिकायत पुलिस से की थी। बताया जाता है कि राम प्रताप अपनी पत्नी को वर्द्धमान स्थित मामा के घर जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। मामले की जांच के दौरान पुलिस को दुर्गापुर के सुभाष पल्ली निवासी शंकर डे के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए सूचना तंत्र सक्रिय किया गया। मंगलवार देर शाम गुप्त सूचना के आधार पर मैथन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर गोंदूडीह पुलिस को सौंप दिया।
पैसों के बंटवारे के विवाद में हत्या का आरोप
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में शंकर डे ने राम प्रताप प्रसाद की हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने बताया कि वह राम प्रताप के साथ मिलकर बस्ताकोला निवासी आटा मिलकर्मी उमेश यादव से छह हजार रुपये की लूट में शामिल था। आरोपी ने उमेश यादव की हत्या की घटना में भी अपनी भूमिका बतायी है। पुलिस के अनुसार, लूट की रकम के बंटवारे को लेकर राम प्रताप और शंकर डे के बीच विवाद हुआ था। इसी विवाद के बाद राम प्रताप की गोली मारकर हत्या करने और शव को मनियाडीह इलाके में फेंकने की बात आरोपी ने बतायी। पुलिस इन बयानों के आधार पर दोनों मामलों से जुड़े तथ्यों का सत्यापन कर रही है। आरोपी के बयान को जांच का हिस्सा माना जा रहा है; संबंधित घटनाओं में उसकी भूमिका की पुष्टि साक्ष्यों के आधार पर की जानी है।
हथियार बरामदगी के दौरान फायरिंग
पुलिस के अनुसार, शंकर डे ने मनियाडीह इलाके में हथियार छिपाने की जानकारी दी थी। इसी आधार पर पुलिस टीम उसे लेकर हथियार बरामद करने पहुंची। मंगलवार देर रात करीब 10:30 बजे कथित तौर पर उसने एक एएसआइ की पिस्टल छीन ली और पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे एसएनएमएमसीएच ले जाया गया, जहां उसका ऑपरेशन किया गया। कार्रवाई में मनियाडीह थाना प्रभारी अकबर खान, गोंदूडीह ओपी प्रभारी लव कुमार चौधरी और उनकी टीम शामिल थी।
दो मामलों के साथ पुराने हत्याकांड की भी जांच
पुलिस शंकर डे की गोंदूडीह ओपी में दर्ज कांड संख्या 74/26 और 56/26 में भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, उसका नाम बिहारी लाल चौधरी हत्याकांड में भी सामने आया था। इसके अलावा, आरोपी के कृष्णाकांत सिंह गैंग से कथित संबंधों की बात भी सामने आयी है। पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है। राम प्रताप प्रसाद और उमेश यादव से जुड़े मामलों में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।






















