मधुपुर (BIHAR): शिक्षा व्यवस्था की बदहाल तस्वीर एक बार फिर सामने आई है। उत्क्रमित मध्य विद्यालय, मधुपुर में एक क्लासरूम की छत अचानक टूटकर गिर गई, जिससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गनीमत यह रही कि घटना के समय कमरे में बच्चे मौजूद नहीं थे।
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जर्जर भवन, कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं
स्कूल भवन की हालत पहले से ही बेहद जर्जर बताई जा रही थी, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से कोई मरम्मत या पुनर्निर्माण कार्य नहीं कराया गया। अब स्थिति यह है कि कक्षा 1 से लेकर 8वीं तक के सभी छात्र सिर्फ एक ही कमरे में बैठने को मजबूर हैं।
बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
- विद्यालय में छात्रों की संख्या करीब 150 से अधिक है, जबकि अब सिर्फ एक सुरक्षित कमरा बचा है।
- एक ही कमरे में विभिन्न कक्षाओं की पढ़ाई कराना न सिर्फ शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित करता है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों का आक्रोश
ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि:
- जर्जर भवन को तुरंत ध्वस्त कर नए भवन का निर्माण कराया जाए।
- तब तक के लिए छात्रों को पढ़ाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था (जैसे पंचायत भवन या टेंट क्लास) उपलब्ध कराई जाए।
- स्कूल में बुनियादी सुविधाएं (शौचालय, पीने का पानी, बिजली) दुरुस्त की जाएं।
प्रशासन और शिक्षा विभाग से अपील
यह घटना शिक्षा व्यवस्था की जमीनी सच्चाई को उजागर करती है। सरकार द्वारा स्कूलों में गुणवत्ता सुधार और “सबको शिक्षा” जैसे अभियान तब तक सफल नहीं हो सकते, जब तक ऐसी जर्जर विद्यालयों की हालत सुधारी न जाए।






















