पटना:बिहार सरकार ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में डोमिसाइल नीति को औपचारिक मंजूरी दे दी है। अब बिहार के मूल निवासियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे राज्य के युवाओं को बड़ा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा के बाद मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया।
Highlights:
किन्हें मिलेगा डोमिसाइल का लाभ?
डोमिसाइल का लाभ उठाने के लिए सिर्फ बिहार का निवासी होना काफी नहीं होगा। इसके लिए दो शर्तें पूरी करनी होंगी:
- 10वीं और 12वीं बिहार से पास की हो
- स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate) होना जरूरी
यदि किसी अभ्यर्थी ने बिहार से 10वीं और 12वीं पास नहीं की है, तो वह डोमिसाइल आरक्षण के दायरे से बाहर माना जाएगा।
कितनी सीटें बिहार के छात्रों के लिए आरक्षित?
बिहार में पहले से SC/ST/OBC/EBC/EWS के लिए करीब 60% आरक्षण लागू है।अब शेष सीटों में से 40% सीटें उन अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित होंगी जिन्होंने 10वीं और 12वीं बिहार से की है।कुल मिलाकर, 85% से अधिक पदों पर बिहार के छात्रों को वरीयता मिलेगी।
महिला अभ्यर्थियों को भी मिलेगा लाभ
35% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।इन सीटों पर भी केवल बिहार की महिलाओं को ही लाभ मिलेगा।
बड़े प्रदर्शन के बाद आया फैसला
हाल के दिनों में डोमिसाइल नीति को लेकर बड़े छात्र आंदोलनों और विपक्ष के दबाव के बीच सरकार ने यह फैसला लिया है। तेजस्वी यादव ने सत्ता में आने पर 100% डोमिसाइल की बात कही थी, जबकि चिराग पासवान ने भी नीति के समर्थन में आवाज उठाई थी।





















