उत्तर प्रदेश:उत्तर प्रदेश के चर्चित और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी को इस रक्षाबंधन पर विशेष तोहफा मिला है। उन्हें डिप्टी एसपी (CO) पद से एडिशनल एसपी (ASP) पद पर प्रमोट कर दिया गया है। पुलिस विभाग की ओर से प्रमोशन सूची जारी कर दी गई है, जिसकी पुष्टि एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने की है।
Highlights:
खेल से सेवा तक का सफर
अनुज चौधरी 2012 बैच के पीपीएस अधिकारी हैं, जो खेल कोटे से चयनित हुए थे। वर्ष 2005 में उन्हें ‘अर्जुन पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था। उन्होंने खेल और प्रशासन दोनों क्षेत्रों में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है।
हिंसा के दौरान दिखाया साहस
अनुज चौधरी बीते वर्ष उस समय सुर्खियों में आए थे जब शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान वह गोली लगने से घायल हो गए थे, फिर भी मोर्चा संभाले रखा। उनकी मजबूत नेतृत्व क्षमता और मैदान में सक्रिय भूमिका ने उन्हें एक कड़क और निष्पक्ष अधिकारी की पहचान दिलाई।
विवादित बयान, लेकिन मुख्यमंत्री का समर्थन
एक बैठक में होली और जुमा एक ही दिन पड़ने को लेकर अनुज चौधरी ने कहा था:
“साल में होली एक बार आती है, जुमा 52 बार आता है। जिसे रंग से परहेज है, वह घर से बाहर न निकले।”
यह बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ और विवादों में भी आया, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके बयान का समर्थन किया, जिससे उनकी छवि एक स्पष्टवादी और निर्भीक पुलिस अधिकारी की बनी।
प्रमोशन सूची में 29 अधिकारियों के नाम
गत शनिवार को आयोजित विभागीय प्रोन्नति समिति (DPC) की बैठक में 29 डिप्टी एसपी को एएसपी पद पर पदोन्नत करने की संस्तुति की गई थी। अनुज चौधरी का नाम भी इसी सूची में शामिल था। अब उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी जाएगी और जल्द ही नए तैनाती आदेश जारी होने की संभावना है।
प्रशासनिक हलकों में प्रसन्नता
अनुज चौधरी की पदोन्नति को पुलिस महकमे में मेहनत, साहस और ईमानदारी की जीत के रूप में देखा जा रहा है। रक्षाबंधन जैसे पर्व पर मिला यह तोहफा उनके लिए व्यक्तिगत और पेशेवर — दोनों ही स्तरों पर खास महत्व रखता है।






















