धनबाद:भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-आईएसएम), धनबाद की एनएसएस यूनिट ने 16 अगस्त 2025 को “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत “From Awareness to Action: Effective Strategies for an Addiction-Free India” विषय पर एक प्रभावशाली कार्यशाला का आयोजन गोल्डन जुबिली लेक्चर थियेटर (GJLT) में किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को नशे की लत के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में ठोस रणनीतियों पर विचार करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत एनएसएस कोऑर्डिनेटर एवं पेट्रोलियम इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष प्रो. विकास माहतो के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि नशा न केवल युवाओं के व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित करता है, बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी बाधा उत्पन्न करता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस बुराई के खिलाफ एकजुट होकर काम करें।
इस अवसर पर पांच विशिष्ट वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए:
- प्रो. प्रवीण सिंह ने युवाओं को आध्यात्मिकता अपनाने का सुझाव देते हुए कहा कि आत्मचिंतन और आंतरिक शक्ति के विकास से नशे की लत पर विजय पाई जा सकती है।
- श्री डी.के. सेन ने युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नशा उनकी क्षमताओं को कुंठित करता है। उन्होंने सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी को आवश्यक बताया।
- प्रो. त्रिवेणी ने छात्रों को देश की प्रगति की रीढ़ बताते हुए कहा कि एक विकसित भारत का निर्माण उनके सक्रिय योगदान से ही संभव है।
- भोला नाथ राम और रवि कुमार सिंह ने छात्रों को प्रेरित किया कि वे नशा रोकथाम के अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और दूसरों को भी जागरूक करें।
कार्यशाला का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि सिर्फ जागरूकता पर्याप्त नहीं है; अब समय आ गया है कि युवा जागरूकता को ठोस क्रियाओं में बदलें और “नशा मुक्त भारत” की ओर सार्थक कदम उठाएं।






















