निरसा(NIRSA): निरसा स्थित इसीएल मुगमा एरिया के बंद पड़े कापासारा ओसीपी में रविवार सुबह अवैध खनन के दौरान चाल धंसने से नियामतपुर (पश्चिम बंगाल) के निवासी मनोज साव की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने शव को बाहर निकलवाकर नियामतपुर में अंतिम संस्कार कर दिया।
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सोमवार को मृतक के परिजन—पत्नी, पुत्र, भाई सहित दर्जनों लोग—मुगमा पहुँचे और घटना में जिम्मेदार बताए जा रहे ठेकेदार अमित कुमार उर्फ अजगर यादव के घर पहुंचकर मुआवजे की मांग उठाई। लेकिन काफी देर तक बात-चीत के बावजूद किसी भी प्रकार की सहमति नहीं बन सकी, जिसके बाद परिजन वापस लौट गए।
परिजनों की पीड़ा
मृतक की पत्नी रिंकू साव ने बताया कि घर में दो पुत्र और एक पुत्री हैं, सभी नाबालिग हैं।
मनोज साव ही परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।
उन्होंने कहा, “मेरे बच्चों को देखने वाला कोई नहीं है। यदि उचित मुआवजा मिल जाए तो हमारे जीवन-यापन में सहारा मिल सकता है।”
वहीं मृतक के साले रमेश कुमार साव ने कहा कि मनोज साव जंगल क्षेत्र में झोपड़ी बनाकर अपने परिवार के साथ रहते थे। उनके निधन के बाद तीनों बच्चों का भविष्य अधर में है। उन्होंने कहा कि वे मुआवजे की मांग को लेकर निरसा विधायक अरूप चटर्जी से भी मिले हैं। विधायक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
स्थानीय आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि कापासारा क्षेत्र में अवैध खनन का जोखिम लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन निगरानी के अभाव में ऐसे हादसे बार-बार हो रहे हैं।






















