जामताड़ा: जामताड़ा जिले में केंद्र सरकार की अमृत सरोवर योजना खेती के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला रही है। जहां कभी पथरीली और बंजर जमीन साल भर खाली पड़ी रहती थी, वहां आज धान, सरसों, आलू, टमाटर और सब्जियों की हरियाली नजर आ रही है।
फतेहपुर प्रखंड के करजोरी गांव में निर्मित अमृत सरोवर के आसपास 15 एकड़ से अधिक क्षेत्र में नियमित खेती हो रही है। स्थानीय किसानों के अनुसार, बरसात का पानी तालाब में संग्रहित होने से अब पूरे साल सिंचाई संभव हो पाई है। इससे न केवल भूमि की उर्वरता बढ़ी है, बल्कि खेती भी निरंतर होने लगी है।
किसानों का कहना है कि पहले पानी की कमी के कारण खेत बेकार पड़े रहते थे, लेकिन अमृत सरोवर बनने के बाद सिंचाई की सुविधा मिली है। इससे उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हुई है और वे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं।
अमृत सरोवर योजना के तहत बने तालाब जामताड़ा के किसानों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। दलहन, तिलहन और सब्जी उत्पादन से न सिर्फ ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है, बल्कि किसान भी उत्साह के साथ खेती को आगे बढ़ा रहे हैं।






















