धनबाद: मंगलवार को धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद, निरसा के विधायक अरूप चटर्जी ने बुधवार को धनबाद सर्किट हाउस में अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने सांसद के बयानों पर आपत्ति जताई, कई आरोप लगाए और धनबाद में कोयला व्यापार की CBI जांच की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जांच के दौरान उनका नाम सामने आता है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
Highlights:
‘गंजे कछुए’ वाली टिप्पणी पर आपत्ति
अरूप चटर्जी ने सांसद ढुल्लू महतो द्वारा उन्हें “गंजा कछुआ” (takla kachhua) कहे जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणी न केवल उनका, बल्कि उन सभी लोगों का अपमान है जो गंजे हैं। उन्होंने कहा कि कई बड़े राष्ट्रीय नेता भी गंजे हैं, इसलिए ऐसी व्यक्तिगत टिप्पणियां अनुचित हैं। सांसद को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि अगर सांसद गंभीर हैं, तो उन्हें संसद में धनबाद में कोयला व्यापार और कथित अवैध वसूली की CBI जांच की मांग उठानी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि अगर जांच में उनका नाम आता है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
परिवार और जमीन विवाद से जुड़े आरोपों पर जवाब
अरूप चटर्जी ने अपने चाचा के साथ मारपीट के बारे में सांसद द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि उनके चाचा प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे और उन्होंने खुद ऐसी किसी भी घटना से इनकार किया। उनके चाचा ने बताया कि उन्हें स्वर्गीय गुरुदास चटर्जी ने धनबाद में बसाया था। गोविंदपुर जमीन विवाद के बारे में विधायक ने कहा कि वे सरकारी जमीन की सुरक्षा के मकसद से उस जगह पर गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस जमीन में बड़े व्यापारियों का निवेश है और सांसद इस मामले में दलाल की भूमिका निभा रहे हैं।
सांसद पर गंभीर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, अरूप चटर्जी ने सांसद ढुल्लू महतो पर कई गंभीर आरोप लगाए, जिनमें व्यवसायी कृष्ण अग्रवाल को धमकाने, कोयला व्यापार से जुड़े मुद्दे और फरार अपराधी प्रिंस खान के साथ कथित संबंध शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि सांसद ने प्रिंस खान की मदद से दुबई में एक साम्राज्य खड़ा किया है और मांग की कि सरकार सांसद का पासपोर्ट जब्त करे। उन्होंने यह भी कहा कि CPI (ML) संसद के आगामी सत्र के दौरान धनबाद में कोयला व्यापार की CBI जांच की मांग करेगी। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि BCCL के कामकाज के दौरान आउटसोर्सिंग कंपनियों पर प्रभाव डाला जाता है और अधिकारियों पर दबाव बनाया जाता है।
यह भी पढ़ें: झरिया में व्यापारी की मौत पर चैंबर का विरोध, रिकवरी एजेंटों पर FIR और मुआवजे की मांग
समुदाय के सदस्यों ने भी आपत्ति जताई
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद भूमिहार समुदाय के कुछ सदस्यों ने भी सांसद ढुल्लू महतो के कथित बयान पर नाराजगी जताई और इसे समुदाय-विरोधी करार दिया।






















