Bihar Cabinet Decisions, पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार, 12 अक्टूबर को बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। इसमें बिजली आपूर्ति, ग्रामीण पेयजल, पर्यटन, सड़क रखरखाव, हवाई अड्डे के पास जमीन अधिग्रहण और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में सुपौल में नए ग्रिड उपकेंद्र, मुंगेर और वैशाली में जलापूर्ति योजनाओं तथा वैशाली में पर्यटन रिसॉर्ट विकसित करने जैसे प्रस्ताव प्रमुख रहे।
Highlights:
बिजली व्यवस्था मजबूत करने के लिए दो बड़ी परियोजनाएं
कैबिनेट ने बिजली संचरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दो योजनाओं को मंजूरी दी। पहली योजना के तहत तारापुर में ग्रिड उपकेंद्र को दूसरा स्वतंत्र ऊर्जा स्रोत उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए 132 केवी की अतिरिक्त डबल सर्किट संचरण लाइन और चार अतिरिक्त लाइन बे बनाए जाएंगे। इस परियोजना पर 51.07 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। दूसरी योजना सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड में नए ग्रिड उपकेंद्र के निर्माण से जुड़ी है। इसके साथ 220 केवी और 132 केवी की संचरण लाइनें भी बनाई जाएंगी। इस परियोजना की कुल लागत 575.36 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसमें राज्य सरकार 115.07 करोड़ रुपये का इक्विटी निवेश करेगी, जबकि शेष 460.29 करोड़ रुपये राज्य सरकार की गारंटी पर वित्तीय संस्थानों से ऋण के रूप में जुटाने की मंजूरी दी गई है।
मुंगेर और वैशाली में करोड़ों की पेयजल योजनाएं
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की सुविधा बेहतर करने के लिए मुंगेर और वैशाली जिले की दो योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर और टेटियाबंबर प्रखंडों में 279.51 करोड़ रुपये की लागत से जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत की जाएगी। खड़गपुर झील के सतही जल का उपयोग कर 14 पंचायतों के 177 वार्डों में पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है। इसके लिए 22 एमएलडी क्षमता की ग्रामीण जलापूर्ति योजना बनाई जाएगी। निर्माण के बाद पांच साल तक संचालन और रखरखाव का प्रावधान भी रखा गया है। वहीं, वैशाली जिले के महुआ और चेहराकलां प्रखंडों में 506.71 करोड़ रुपये की लागत से बहुग्रामीण जलापूर्ति योजना लागू की जाएगी। गंगा नदी के सतही जल का इस्तेमाल कर 36 पंचायतों के 493 वार्डों में जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत की जाएगी। इस योजना की क्षमता 72 एमएलडी होगी। इसमें निर्माण के साथ पांच साल तक संचालन और रखरखाव भी शामिल है।
दरभंगा एयरपोर्ट के पास लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब
दरभंगा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब विकसित करने के लिए भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है। इसके लिए 49.9973 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जाएगी। जमीन के मुआवजे के लिए 225 करोड़ 91 लाख 30 हजार 742 रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस फैसले से प्रस्तावित लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब परियोजना को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वैशाली में पर्यटन रिसॉर्ट, भीम बांध में इको टूरिज्म
पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वैशाली में 10 एकड़ जमीन पर पर्यटन रिसॉर्ट बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसका निर्माण और संचालन सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल के तहत किया जाएगा। परियोजना में पर्यटकों के लिए आवास और अन्य सुविधाएं विकसित करने का लक्ष्य है। इसके अतिरिक्त, भीम बांध क्षेत्र में इको टूरिज्म विकसित करने के लिए तैयार तीन क्लस्टरों के प्रस्तावों को भी पीपीपी के माध्यम से आगे बढ़ाने की स्वीकृति दी गई है।
ग्रामीण सड़कों के रखरखाव के लिए नई व्यवस्था
ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत ग्रामीण सड़कों की नियमित मरम्मत, नवीनीकरण और दीर्घकालिक रखरखाव के लिए ग्रामीण सड़क अनुरक्षण एवं प्रबंधन कार्यक्रम लागू करने की मंजूरी दी गई। पथ निर्माण विभाग से संबंधित निविदा प्रक्रिया में न्यूनतम दर की सीमा से जुड़े पुराने प्रावधानों को निरस्त कर नई व्यवस्था के तहत बदलाव करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली।
सहकारी बैंकों और साइबर सुरक्षा पर फैसला
कैबिनेट ने खगड़िया जिला केंद्रीय सहकारी बैंक को वित्त वर्ष 2026-27 में 75 करोड़ रुपये का अनुदान देने की मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य बैंक को न्यूनतम 9 प्रतिशत पूंजी जोखिम-भारित परिसंपत्ति अनुपात यानी CRAR हासिल करने में मदद करना है। इसके अलावा बिहार राज्य सहकारी बैंक और उससे जुड़े जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके लिए 66.11 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
पटना में पार्क विकास और प्रशासनिक प्रस्तावों को मंजूरी
पटना के गर्दनीबाग टैंक पार्क के निर्माण और विकास के लिए एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने की मंजूरी दी गई। बैठक में बिहार सूचना प्रौद्योगिकी अवर सेवा नियमावली, 2026 के गठन और बक्सर स्थित राजकीय श्री धन्वंतरि आयुर्वेद महाविद्यालय-सह-चिकित्सालय में तीन अतिरिक्त पद सृजित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली। पूर्व राज्यपाल और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री स्वर्गीय कैलाशपति मिश्र की जयंती प्रत्येक वर्ष 5 अक्टूबर को राजकीय समारोह के रूप में मनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
वर्ष 2027 की छुट्टियों की सूची को मंजूरी
सामान्य प्रशासन विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, बिहार सरकार के कार्यालयों के लिए वर्ष 2027 की छुट्टियों और प्रतिबंधित अवकाश की सूची घोषित करने को भी मंजूरी दी गई। इससे अगले वर्ष सरकारी कार्यालयों में लागू होने वाली अवकाश व्यवस्था तय करने का रास्ता साफ हुआ। कैबिनेट के इन फैसलों में बिजली संचरण, पेयजल, सड़क रखरखाव, पर्यटन और प्रशासनिक व्यवस्था से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं। योजनाओं का वास्तविक लाभ उनके क्रियान्वयन, निर्माण की समयसीमा और संबंधित विभागों की प्रगति पर निर्भर करेगा।






















