Tej Pratap Yadav Divorce Case: राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव एक बार फिर अपने वैवाहिक जीवन को लेकर चर्चा में हैं। रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल’ में उन्होंने पत्नी ऐश्वर्या राय के साथ रिश्तों, शादी में कथित दबाव और घरेलू विवादों को लेकर कई दावे किए। तेजप्रताप ने यह भी कहा कि विवाद के दौरान बनाए गए कुछ वीडियो उन्होंने अदालत में सबूत के तौर पर पेश किए हैं। तेजप्रताप यादव और ऐश्वर्या राय का तलाक मामला लंबे समय से पटना की फैमिली कोर्ट में लंबित है। ऐसे में शो में दिए गए बयान के बाद कानूनी पहलुओं, तेजप्रताप की राजनीतिक छवि और लालू परिवार के साथ उनके संबंधों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, बयान के आधार पर किसी कानूनी कार्रवाई या राजनीतिक नुकसान को निश्चित नहीं माना जा सकता।
Highlights:
रियलिटी शो में तेजप्रताप ने क्या-क्या दावे किए?
तेजप्रताप यादव ने शो में कहा कि शादी के करीब तीन महीने बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गए थे। उनके मुताबिक, उन्होंने दबाव में शादी की थी और उस समय वह बिहार के स्वास्थ्य मंत्री थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि वैवाहिक विवाद के कारण उनका घर पर रहने का मन नहीं करता था। तेजप्रताप ने धार्मिक गतिविधियों को लेकर मतभेद और घर में होने वाली बहस का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक दिन विधानसभा से लौटने पर उन्होंने ऐश्वर्या को किसी युवक से चैट करते देखा था। तेजप्रताप ने दावा किया कि वह युवक ऐश्वर्या का पुराना प्रेमी था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। उन्होंने कहा कि विवाद के दौरान वह कुछ घटनाओं के वीडियो बनाते थे और उन्हें अदालत में सबूत के तौर पर पेश किया है। तेजप्रताप ने अपने अनुभव को मानसिक रूप से परेशान करने वाला बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की याद उन्हें आज भी प्रभावित करती है।
क्या बयान से कानूनी मुश्किलें बढ़ सकती हैं?
तलाक का मामला अदालत में लंबित होने के कारण तेजप्रताप के सार्वजनिक बयान को लेकर कानूनी सवाल उठ सकते हैं। खबर में उद्धृत पटना हाईकोर्ट की अधिवक्ता छाया मिश्रा के अनुसार, ऐश्वर्या राय इन बयानों के आधार पर आपराधिक शिकायत सहित उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर विचार कर सकती हैं। उन्होंने लंबित मामले के दौरान सार्वजनिक बयान देने के संदर्भ में अदालत की अवमानना के सवाल की भी चर्चा की है। हालांकि, केवल सार्वजनिक बयान देने से अदालत की अवमानना या किसी अन्य अपराध का निष्कर्ष अपने आप नहीं निकलता। इसके लिए बयान की प्रकृति, उपलब्ध साक्ष्य, संबंधित कानून और अदालत की कार्यवाही जैसे पहलुओं का आकलन जरूरी होगा। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना उचित नहीं है कि तेजप्रताप के खिलाफ कोई नई कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। ऐश्वर्या राय की ओर से तेजप्रताप के ताजा बयान पर प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी भी इस खबर में नहीं दी गई है। इसलिए मामले के दूसरे पक्ष को सुने बिना आरोपों को स्थापित तथ्य के रूप में पेश नहीं किया जा सकता।
राजनीतिक छवि पर क्या पड़ सकता है असर?
तेजप्रताप यादव की राजनीति में पारिवारिक विवाद पहले भी चर्चा का विषय रहे हैं। लालू प्रसाद यादव की ओर से उन्हें परिवार और राष्ट्रीय जनता दल से अलग करने की घोषणा किए जाने के बाद तेजप्रताप ने अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल बनाई थी। वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने उम्मीदवार उतारे थे। तेजप्रताप खुद महुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे, जहां वह तीसरे स्थान पर रहे। उपलब्ध विवरण के अनुसार, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के संजय कुमार सिंह ने जीत दर्ज की, जबकि राजद के मुकेश कुमार रौशन दूसरे स्थान पर रहे। ऐसे में वैवाहिक विवाद से जुड़ा नया बयान उनकी सार्वजनिक छवि को लेकर चर्चा बढ़ा सकता है। हालांकि, इससे उनके राजनीतिक समर्थन पर कितना असर पड़ेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इसके लिए मतदाताओं की प्रतिक्रिया, पार्टी की रणनीति और आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम महत्वपूर्ण होंगे।
लालू परिवार में वापसी की राह पर भी नजर
तेजप्रताप यादव और लालू परिवार के संबंधों को लेकर समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं। राजद से दूरी और अलग पार्टी बनाने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। ऐश्वर्या राय से जुड़े ताजा बयान का परिवार के भीतर संबंधों पर क्या असर होगा, इस बारे में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। राबड़ी देवी का अपने बड़े बेटे के प्रति स्नेह सार्वजनिक रूप से सामने आता रहा है, लेकिन पारिवारिक रिश्ते और राजनीतिक फैसले अलग-अलग विषय हैं। इसलिए इस बयान से तेजप्रताप की परिवार में वापसी की संभावनाओं पर कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
यादव समुदाय की प्रतिक्रिया को लेकर भी चर्चा
बिहार की राजनीति में यादव समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक पहचान और तेजप्रताप की पृष्ठभूमि भी इस सामाजिक आधार से जुड़ी है। ऐश्वर्या राय भी यादव परिवार से आती हैं। इस वजह से वैवाहिक विवाद पर सार्वजनिक बयान को सामाजिक और राजनीतिक नजरिये से भी देखा जा सकता है। हालांकि, पूरे समुदाय की प्रतिक्रिया को एक जैसा मानना सही नहीं होगा। तेजप्रताप के बयान का सामाजिक समर्थन या राजनीतिक प्रभाव कितना होगा, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट हो सकेगा।
2018 में हुई थी तेजप्रताप और ऐश्वर्या की शादी
तेजप्रताप यादव और ऐश्वर्या राय की शादी 12 मई 2018 को हुई थी। कुछ महीनों बाद दोनों के रिश्तों में विवाद सामने आने लगे। तेजप्रताप ने 3 नवंबर 2018 को पटना की अदालत में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच सुलह कराने की कोशिशें भी हुईं, लेकिन विवाद का समाधान नहीं निकल सका। वर्ष 2019 के अंत में ऐश्वर्या राय राबड़ी देवी के आवास से रोते हुए बाहर निकली थीं। उस समय उन्होंने राबड़ी देवी और आवास के सुरक्षाकर्मियों पर मारपीट करने, फोन छीनने और अपने माता-पिता का अपमान किए जाने के आरोप लगाए थे। ये उस समय ऐश्वर्या की ओर से लगाए गए आरोप थे। तलाक मामले में ऐश्वर्या ने रहने के लिए मकान और अन्य सुविधाओं की मांग भी रखी थी। उन्होंने पटना के एसके पुरी इलाके में घर की मांग की थी। इस तरह दोनों के बीच विवाद कई वर्षों से कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बना हुआ है।
अब 18 नवंबर की सुनवाई पर नजर
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, तलाक मामले में 5 अक्टूबर को सुनवाई होनी थी, लेकिन एक वकील के निधन के कारण उस दिन अदालत की कार्यवाही नहीं हो सकी। अगली सुनवाई 18 नवंबर को निर्धारित बताई गई है। रियलिटी शो में दिए गए बयान के बाद अब तीन पहलुओं पर नजर रहेगी। पहला, ऐश्वर्या राय इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं। दूसरा, क्या वह कोई नया कानूनी कदम उठाती हैं। तीसरा, अदालत में लंबित तलाक मामले की सुनवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है। फिलहाल, तेजप्रताप यादव के बयान से कानूनी या राजनीतिक नुकसान तय मानना उचित नहीं होगा। इतना जरूर है कि उनके और ऐश्वर्या राय के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा में आ गया है।






















