Bunty Yadav Murder Case: बंटी यादव मर्डर केस के मुख्य आरोपी और पुलिस के अनुसार एक कुख्यात अपराधी, रविश, गुरुवार सुबह बुद्धा कॉलोनी पुलिस स्टेशन इलाके में LNT घाट के पास पुलिस एनकाउंटर में घायल हो गया। पुलिस ने बताया कि जवाबी फायरिंग के दौरान रविश के पैर में गोली लगी। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
Highlights:
SSP: पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई
SSP कार्तिकेय शर्मा के अनुसार, पुलिस बंटी यादव मर्डर केस के मुख्य आरोपी रविश का पता लगाने के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान जानकारी मिली कि वह पटना आ गया है और कुछ पैसे लेकर नेपाल भागने की तैयारी कर रहा है। पुलिस के अनुसार, जब उन्होंने LNT घाट के पास उसे रोकने की कोशिश की, तो रविश ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उसके पैर में गोली लग गई। घटनास्थल से एक देसी पिस्तौल भी बरामद की गई।
बंटी यादव मर्डर केस में अब तक पांच गिरफ्तारियां
पुलिस के अनुसार, बंटी यादव का 6 जुलाई को पटना जंक्शन के पास से अपहरण कर लिया गया था। 11 जुलाई को अथमालगोला इलाके से उसका शव बरामद किया गया था। अब तक, पुलिस ने जांच के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच के लिए एक विशेष SIT का गठन किया गया था और यह तकनीकी व अन्य प्रकार के सबूतों के आधार पर आगे बढ़ रही है।
पुलिस का दावा: वर्चस्व और अवैध कारोबार को लेकर विवाद
SSP ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि बंटी यादव और रविश के बीच वर्चस्व को लेकर विवाद था। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान घटना के बारे में कुछ दावे किए हैं, जिनकी अभी पुष्टि की जा रही है। पुलिस ने आगे कहा कि चार अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार करने की कोशिशें जारी हैं।
यह भी पढ़ें: 44वें स्थापना दिवस पर सजा झरिया का श्री श्याम मंदिर, भजन-कीर्तन और निशान यात्रा का आयोजन
लापरवाही के आरोप में चार पुलिसकर्मी सस्पेंड
इस मामले में ड्यूटी के दौरान कथित लापरवाही के कारण चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस विभाग के अनुसार, शुरुआती जांच से पता चला कि घटनास्थल पर तैनात कर्मी समय पर और प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहे। विभाग ने कहा है कि जांच जारी है और अगर किसी भी चरण में लापरवाही पाई जाती है, तो नियमों के अनुसार संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।






















