धनबाद में पुरुष आयोग की मांग तेज, मर्द पार्टी ने कानून में बदलाव की उठाई आवाज
धनबाद: पुरुषों के अधिकारों और उनके लिए अलग आयोग के गठन की मांग को लेकर धनबाद में प्रदर्शन किया गया। मेरा अधिकार राष्ट्रीय दल (मर्द पार्टी) की ओर से रणधीर वर्मा चौक पर आयोजित प्रदर्शन में केंद्र सरकार से पुरुष आयोग बनाने और पुरुषों से जुड़े कानूनों में आवश्यक बदलाव करने की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुरुषों की शिकायतों और समस्याओं को भी गंभीरता से सुना जाना चाहिए और उन्हें कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए। संगठन ने महिलाओं के लिए बने महिला आयोग की तर्ज पर पुरुष आयोग के गठन की मांग की।
Highlights:
पुरुष आयोग के गठन की उठी मांग
मर्द पार्टी के नेताओं ने कहा कि पुरुषों से जुड़ी शिकायतों के लिए भी एक ऐसी संस्था होनी चाहिए, जहां वे अपनी समस्याएं और शिकायतें रख सकें। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, पुरुष आयोग के गठन से पुरुषों से जुड़े मामलों को सुनने और उनकी समस्याओं पर विचार करने के लिए एक अलग मंच उपलब्ध हो सकेगा। संगठन ने केंद्र सरकार से इस मांग पर विचार करने और पुरुषों के अधिकारों से जुड़े कानूनी प्रावधानों की समीक्षा करने की अपील की।
झूठे मुकदमों के आरोपों का उठाया मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान मर्द पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में पुरुषों के खिलाफ महिलाओं की ओर से झूठे मुकदमे दर्ज किए जाने की शिकायतें सामने आती हैं। संगठन का कहना है कि ऐसे मामलों में भी निष्पक्ष तरीके से जांच और सुनवाई होनी चाहिए। हालांकि, प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए इन आरोपों के समर्थन में इस जानकारी में कोई स्वतंत्र आंकड़ा या दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया है।

पुरुषों के लिए समान कानूनी संरक्षण की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुरुष भी परिवार और समाज की जिम्मेदारियां निभाते हैं। उनका कहना था कि पुरुषों को भी अपनी शिकायतों के लिए उचित कानूनी सहायता और संरक्षण मिलना चाहिए। संगठन ने मांग की कि महिला और पुरुष दोनों से जुड़े मामलों में कानून का निष्पक्ष तरीके से पालन हो और किसी भी व्यक्ति के साथ केवल लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।
केंद्र सरकार से कानून में बदलाव की अपील
रणधीर वर्मा चौक पर प्रदर्शन के दौरान मर्द पार्टी ने केंद्र सरकार से पुरुष आयोग के गठन के साथ पुरुषों से संबंधित कानूनों में आवश्यक संशोधन करने की मांग की। संगठन ने कहा कि पुरुषों की शिकायतों को भी संस्थागत स्तर पर सुनने की व्यवस्था होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार से सकारात्मक पहल की अपील की।






















