धनबाद के साहसी गोताखोर युवाओं के सम्मान और सुरक्षा की मांग को विधायक राज सिन्हा ने विधानसभा में जोरदार ढंग से उठाया
धनबाद: झारखंड विधानसभा के सचेतक सह धनबाद के विधायक राज सिन्हा ने आज झारखंड विधानसभा में धनबाद एवं आसपास के क्षेत्रों से जुड़े एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दे को मजबूती के साथ सदन में उठाया।
विधायक सिन्हा ने सदन को अवगत कराते हुए कहा कि पिछले लगभग 15–20 वर्षों से धनबाद जिले के भटिंडा फॉल, दामोदर और बराकर नदी, विभिन्न डैम-तालाबों तथा बीसीसीएल एवं ईसीएल की खुली खदानों में जब भी किसी दुर्घटना या डूबने की घटना होती है, तब स्थानीय ग्रामीण युवक बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण और पर्याप्त संसाधनों के अपनी जान जोखिम में डालकर गोताखोर के रूप में बचाव कार्य करते हैं।
उन्होंने कहा कि इन युवाओं ने समय-समय पर कई लोगों की जान बचाने का साहसिक कार्य किया है, लेकिन यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने वर्षों की सेवा और समर्पण के बावजूद इन गोताखोर युवाओं को अब तक न तो आधुनिक गोताखोरी उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, न ही आवश्यक सुरक्षा किट दी गई है और न ही उनका किसी सरकारी व्यवस्था में स्थायी समायोजन हो पाया है।
श्री सिन्हा ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जो युवा दूसरों की जान बचाने के लिए हर समय तत्पर रहते हैं, उन्हें सम्मान और सुरक्षा मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इन युवाओं की सेवा और साहस को ध्यान में रखते हुए उनके लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
विधायक सिन्हा ने सरकार के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखीं—
🔹 स्थानीय गोताखोर युवाओं का आधिकारिक पंजीकरण किया जाए, ताकि आपदा या दुर्घटना की स्थिति में उनकी सेवाओं का व्यवस्थित रूप से उपयोग किया जा सके।
🔹 उन्हें आधुनिक गोताखोरी उपकरण, जीवनरक्षक जैकेट, सुरक्षा किट और आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे सुरक्षित ढंग से बचाव कार्य कर सकें।
🔹 आपदा प्रबंधन विभाग या संबंधित विभागों में उनका स्थायी समायोजन सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें सम्मानजनक पहचान और रोजगार मिल सके।
विधायक सिन्हा ने कहा कि धनबाद के इन साहसी युवाओं का योगदान समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार को उनके साहस और सेवा भावना का सम्मान करते हुए उन्हें आवश्यक संसाधन, सुरक्षा और स्थायित्व प्रदान करना चाहिए।
अंत में विधायक सिन्हा ने कहा कि धनबाद के युवाओं के अधिकार, सम्मान और सुरक्षा के लिए उनकी आवाज सदन के भीतर और बाहर हमेशा बुलंद रहेगी।






















