बैंक मैनेजर बनकर EKYC अपडेट और कार्ड एक्सपायर का झांसा
Dhanbad Cyber Crime: धनबाद साइबर पुलिस ने बैंक अधिकारी बनकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राहुल कुमार दास के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वह लोगों को बैंक मैनेजर बनकर फोन करता था और e-KYC अपडेट, डेबिट-क्रेडिट कार्ड एक्सपायर होने समेत अन्य बहानों से झांसे में लेकर ठगी करता था। साइबर डीएसपी प्रदीप कुमार साव ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी से जुड़ी शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, उसके मोबाइल नंबरों के खिलाफ 10-12 राज्यों में साइबर अपराध से संबंधित मामले सामने आए हैं।
Highlights:
NCRP शिकायतों की जांच में सामने आया आरोपी

धनबाद साइबर पुलिस की टीम NCRP (National Cyber Crime Reporting Portal) पर दर्ज साइबर अपराध की शिकायतों की जांच कर रही थी। इसी दौरान आरोपी के मोबाइल नंबरों से जुड़ी शिकायतों की जानकारी पुलिस के सामने आई। तकनीकी जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल की लोकेशन भूली ओपी क्षेत्र के पांडरपाला दास बस्ती में मिली। इसके बाद साइबर थाना पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर छापेमारी के लिए टीम गठित की।
पुलिस को देखकर भागने लगा संदिग्ध
पुलिस टीम पांडरपाला स्थित दास बस्ती पहुंची तो एक संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर उसे मौके पर पकड़ लिया। पूछताछ में युवक ने अपना नाम राहुल कुमार दास बताया। इसके बाद पुलिस ने उसके पास से बरामद मोबाइल फोन की जांच NCRP पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर की।
दो मोबाइल नंबरों से जुड़ी मिलीं 53 शिकायतें
पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से बरामद मोबाइल फोन और उससे जुड़े नंबरों की जांच में अलग-अलग राज्यों में लोगों से ठगी की शिकायतें सामने आईं। पुलिस का कहना है कि दो मोबाइल नंबरों के माध्यम से कुल 53 धोखाधड़ी की शिकायतें NCRP पोर्टल पर दर्ज थीं। पूछताछ के दौरान राहुल कुमार दास ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वह बैंक अधिकारी बनकर लोगों को फोन करता था और उनसे साइबर ठगी करता था।
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Samsung और Realme मोबाइल बरामद
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के पास से एक Samsung मोबाइल और एक Realme मोबाइल बरामद किया है। दोनों मोबाइल की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस अब NCRP पोर्टल पर दर्ज शिकायतों और मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी से जुड़े साइबर ठगी के अन्य मामलों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क में उसके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हैं। साइबर पुलिस के अनुसार, बैंक अधिकारी बनकर KYC अपडेट, कार्ड एक्सपायर या बैंकिंग सेवा बंद होने जैसे बहाने बनाकर फोन करने वाले लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।






















