Dhanbad Durga Puja 2026: जिले के भीतर गोविंदपुर में इस वर्ष दुर्गापूजा का आयोजन खास होने जा रहा है। श्री श्री ओल्ड सार्वजनिक दुर्गापूजा समिति अपनी 200वीं दुर्गापूजा को ऐतिहासिक और यादगार बनाने की तैयारी में जुटी है। इस अवसर पर करीब 19 लाख रुपये की लागत से रामायण और केरल के जटायु धाम से प्रेरित ‘जटायु नगरी’ थीम पर भव्य पूजा पंडाल बनाया जा रहा है। पंडाल में भगवान श्रीराम, मां दुर्गा, अशोक वाटिका और रामायण के विभिन्न प्रसंगों की झलक देखने को मिलेगी।
Highlights:
200वीं दुर्गापूजा को यादगार बनाने की तैयारी
भीतर गोविंदपुर की श्री श्री ओल्ड सार्वजनिक दुर्गापूजा समिति इस बार अपनी 200वीं पूजा को विशेष रूप से मनाने की तैयारी कर रही है। समिति ने इस वर्ष ‘जटायु नगरी’ थीम चुनी है, जो रामायण की कथा और वीर जटायु के साहस से प्रेरित है। समिति के सदस्य पंडाल को भव्य रूप देने में जुटे हैं। आयोजन के जरिए धार्मिक आस्था के साथ रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों को कलात्मक तरीके से प्रस्तुत करने की योजना है।
पंडाल में दिखेगी रामायण के प्रसंगों की झलक
‘जटायु नगरी’ थीम पर बन रहे पंडाल में भगवान श्रीराम, मां दुर्गा और अशोक वाटिका सहित रामायण के विभिन्न प्रसंगों को कलाकृतियों के माध्यम से दर्शाया जाएगा। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। पंडाल में पौराणिक प्रसंगों के साथ आकर्षक शिल्पकारी का भी समावेश किया जा रहा है। आयोजन को खास बनाने के लिए पश्चिम बंगाल से विशेष कारीगरों को बुलाया गया है, जो पंडाल को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
वियतनाम ब्रिज की तर्ज पर बनेगी आकर्षक संरचना
इस बार पंडाल की एक खास विशेषता वियतनाम ब्रिज की तर्ज पर तैयार की जा रही भव्य संरचना होगी। समिति को उम्मीद है कि यह संरचना श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। करीब 19 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहे पंडाल में पारंपरिक धार्मिक विषयों और आधुनिक शिल्पकारी का मेल देखने को मिलेगा।
तीन वर्षों से अलग-अलग थीम पर हो रहा आयोजन
समिति के कार्यकारिणी अध्यक्ष बुवाई दत्ता ने बताया कि ‘जटायु नगरी’ थीम को साकार करने के लिए समिति के सदस्यों ने काफी मेहनत की है। उन्होंने कहा कि इसकी परिकल्पना केरल स्थित जटायु धाम से प्रेरित है। बुवाई दत्ता के अनुसार, समिति पिछले तीन वर्षों से अलग-अलग थीम पर दुर्गापूजा का आयोजन कर रही है। इस बार 200वीं पूजा होने के कारण विशेष तैयारियां की जा रही हैं। समिति का प्रयास है कि भव्य पंडाल और धार्मिक प्रसंगों की प्रस्तुति के माध्यम से इस आयोजन को यादगार बनाया जाए।






















