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Sunday, July 26, 2026

Diljit Dosanjh Gallbladder Stone: गॉलब्लैडर और किडनी स्टोन कितनी खतरनाक? दिलजीत दोसांझ के केस के बाद जानें जोखिम और लक्षण

Diljit Dosanjh Gallbladder Stone: पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के अपनी बीमारी के बारे में दिए गए बयान के बाद लोगों में गॉलस्टोन (पित्त की पथरी) को लेकर चिंता बढ़ गई है। अब बहुत से लोग गॉलस्टोन और किडनी स्टोन (गुर्दे की पथरी) से जुड़े खतरों और लंबे समय तक इनका इलाज न कराने पर शरीर पर पड़ने वाले असर के बारे में जानना चाहते हैं।

दिलजीत दोसांझ का बयान और उससे शुरू हुई चर्चा

Diljit Dosanjh Gallbladder Stone: गॉलब्लैडर और किडनी स्टोन कितनी खतरनाक? दिलजीत दोसांझ के केस के बाद जानें जोखिम और लक्षण
Diljit Dosanjh Gallbladder Stone: गॉलब्लैडर और किडनी स्टोन कितनी खतरनाक? दिलजीत दोसांझ के केस के बाद जानें जोखिम और लक्षण

हाल ही में एक इंटरव्यू में दिलजीत दोसांझ ने बताया कि उन्हें करीब 10 साल पहले गॉलस्टोन का पता चला था। जांच में 11-12 mm की पथरी का पता चला था, लेकिन उन्होंने अब तक इसके लिए कोई सर्जरी नहीं कराई है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर ऐसी पथरी से जुड़े खतरों को लेकर काफी चर्चा हो रही है।

गॉलस्टोन और किडनी स्टोन क्या हैं?

गॉलस्टोन मुख्य रूप से गॉल ब्लैडर (पित्ताशय) में कोलेस्ट्रॉल या बिलिरुबिन जमा होने से बनते हैं। जब पित्त (bile) में इन पदार्थों का लेवल बढ़ जाता है या पित्त ठीक से बाहर नहीं निकल पाता, तो ये क्रिस्टल बन जाते हैं जो बाद में पथरी का रूप ले लेते हैं। वहीं, किडनी स्टोन तब बनते हैं जब यूरिन में कैल्शियम ऑक्सालेट और यूरिक एसिड जैसे मिनरल्स बहुत ज़्यादा मात्रा में जमा हो जाते हैं। ये क्रिस्टल धीरे-धीरे सख्त होकर पथरी बन जाते हैं और बहुत तेज़ दर्द का कारण बनते हैं।

डॉक्टर क्या कहते हैं और इसका इलाज क्या है?

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. विपिन राय के अनुसार, गॉलस्टोन या किडनी स्टोन का पता चलते ही डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है। कई मामलों में किडनी स्टोन दवाइयों से निकल सकते हैं, जबकि गॉलस्टोन के लिए अक्सर सर्जरी (कोलेसिस्टेक्टॉमी) की ज़रूरत पड़ती है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर समय पर इलाज न किया जाए तो यह स्थिति गंभीर हो सकती है; इसलिए इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।

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लंबे समय तक इलाज न कराने के खतरे

विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक गॉलस्टोन को नज़रअंदाज़ करने से कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इनमें गॉल ब्लैडर में बार-बार सूजन आना, बाइल डक्ट (पित्त नली) में रुकावट, पीलिया और पैंक्रियास में सूजन शामिल हैं। जब गॉलस्टोन पित्त के बहाव को रोक देता है, तो पाचन प्रक्रिया प्रभावित होती है और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। गंभीर मामलों में, लंबे समय तक ऐसा रहने पर गॉल ब्लैडर कैंसर का खतरा भी हो सकता है, हालांकि ऐसा बहुत कम होता है।

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