झारखंड: दुमका के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के आमचुआं गांव में परिवार के भीतर बढ़ते तनाव और लगातार मिलने वाली जिल्लत-जलालत ने दो जिंदगी को हमेशा के लिए खामोश कर दिया। इल्जाम है कि घर जमाई राजू सोरेन ने 19 साल की अपनी पत्नी सोना मुर्मू और 70 साल की नानी सास सोना बास्की को मौत के घाट उतार दिया। उसने वार करने के वास्ते उस खूंटे का इस्तेमाल किया, जिससे कभी घर के पालतू जानवरों को बांधा जाता था।
पत्नी और नानी सास के तीखे तानों से था परेशान
हत्याकांड का रा खोलते हुए दुमका पुलिस कप्तान पितांबर सिंह खेरवार ने बताया कि जांच में सामने आया कि राजू शादी के बाद से ही घर में लगातार ताने और जिल्लत झेल रहा था। पत्नी और नानी सास की तीखे तानों ने उसके दिलो-दिमाग को भयंकर चोट दी थी। घर जमाई होने के बावजूद खुद को दामाद मानने वाला राजू अपने परिवार में लगातार मिलने वाली जिल्लत-जलालत से टूट चुका था।
पत्नी के चाल-चलन पर भी था शक
राजू को शक था कि उसकी पत्नी का चाल-चलन भी ठीक नहीं है। वह बार-बार अपनी पत्नी और नानी सास की हरकतों को व्यक्तिगत अपमान मानता था। इसी गहरे शक और जलालत से तंग होकर उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
वारदात वाले रोज फुटबॉल मैच देखने गया था राजू
वारदात के रोज राजू शाम को गांव में फुटबॉल मैच देखने गया। घर लौटा तो किसी बात को लेकर पत्नी से झगड़ा होने लगा। इसी दौरान वह गुस्से में उठाकर मवेशी बांधने वाला खूंटा उठाकर पत्नी पर वार करने लगा। पत्नी को नानी बचाने आई तो राजू ने नानी पर भी खूंटे से वार कर दिया और मौके पर ही दोनों की दर्दनाक मौत हो गई।
खून के धब्बे मिटाने की भी कोशिश की थी राजू ने
हत्या के बाद राजू ने खून के धब्बे मिटाने की कोशिश की और सरसडंगाल की ओर भाग गया। पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी और उसे धर दबोचा। पहले तो उसने पुलिस को गुराह करने की कोशिश की, पर कड़ाई से पूछताछ करने पर वह टूट गया और हत्याकांड के पीछे छुपे सारे राज खोल गया।
डेढ़ साल पहले हुई थी शादी
मारी गयी 70 साल की सोना बास्की को कोई भी बेटा नहीं था। इस चलते उसने अपनी बेटी और दामाद को घर जमाई बनाकर रखा था। उसके बेटी दामाद को भी कोई बेटी नहीं था, इस कारण नतनी सोना मुर्मू और उसके पति राजू सोरेन को भी अपने ही घर पर घर जमाई बनाकर रख लिया था। सोना की शादी डेढ़ साल पहले राजू सोरेन से हुई थी। शादी के बाद से ही उससे घर का काम-काज कराया जाने लगा था, जिससे वह अपमानित महसूस करता था और इश हत्याकांड को अंजाम दिया।






















