
धनबाद:सीएसआईआर-सीआईएमएफआर, डिगवाडीह (धनबाद) में पाँच दिवसीय कौशल विकास कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को मिट्टी और जल विश्लेषण के आधुनिक तकनीकी और वैज्ञानिक तरीकों का प्रशिक्षण देना है, जिससे वे कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में गुणवत्ता मूल्यांकन की दिशा में दक्षता प्राप्त कर सकें।
कार्यक्रम का उद्घाटन आईआईटी-आईएसएम धनबाद के प्रो. अंशुमाली के मुख्य आतिथ्य में हुआ। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। इस अवसर पर संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. आशीष मुखर्जी और निदेशक प्रो. अरविंद कुमार मिश्रा ने भी उपस्थित छात्रों को संबोधित किया।
प्रो. मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा, “मिट्टी और जल की गुणवत्ता केवल कृषि ही नहीं, बल्कि उद्योग और पर्यावरणीय संरक्षण के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को वैज्ञानिक सोच और व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ते हैं।”
कार्यक्रम के दौरान छात्र आधुनिक उपकरणों के उपयोग, प्रयोगशाला विश्लेषण, और पर्यावरण निगरानी के नवीन तरीकों की जानकारी प्राप्त करेंगे। यह कार्यक्रम छात्रों को न केवल तकनीकी रूप से दक्ष बनाएगा, बल्कि स्वस्थ पर्यावरण और टिकाऊ विकास की दिशा में भी उनकी समझ को मजबूत करेगा।






















