धनबाद :दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के कारण इस बार बाबा तिलका मांझी स्मारक समिति धनबाद ने सादगी पूर्वक विश्व आदिवासी दिवस मनाया. धनबाद के न्यू टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रजत मनिक बाखला एसडीपीओ निरसा के अलावे पूर्व जिप सदस्य सह बाबा तिलका मांझी स्मारक समिति के अध्यक्ष रायमुनी देवी समेत कई अतिथि शामिल हुए. शिबू सोरेन की तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत कीW गई.कार्यक्रम में आदिवासी अधिकारों, संवैधानिक मूल्यों पर चर्चा की गई. वक्ताओं ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को याद करते हुए कहा कि उनका संघर्ष, उनके विचार, उनके आदर्श हमें हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे।
गुरु जी समस्त आदिवासी समाज समेत झारखण्ड की आत्मा, संघर्ष के प्रतीक और जल-जंगल-जमीन के सबसे मुखर रक्षक भी थे। यह आदिवासी समाज ही है जिसने मानवजाति को प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर खुशहाल जीवन जीने का मार्ग दिखाया है।
आदिवासी समाज का जीवन-दर्शन प्रकृति से ही शुरू और प्रकृति पर ही खत्म होता है। रायमुनी देवी ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन से समस्त आदिवासी समाज मर्माहत है. निधन के कारण इस बार विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को सादगी पूर्वक मनाया जा रहा है.






















