नाबालिग पीड़िता और परिवार की फोटो शेयर करने पर FIR
Jamui Minor Victim Photo: जमुई मामले की नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के मामले में पटना के सचिवालय थाने में FIR दर्ज की गई है। प्राथमिकी पुलिस अवर निरीक्षक सुमित्रा कुमारी की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई। रिपोर्टों के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तस्वीर मुख्यमंत्री के आधिकारिक X हैंडल से पोस्ट की गई थी। बाद में पोस्ट हटा दी गई। मामला सामने आने के बाद नाबालिग पीड़िता की पहचान सार्वजनिक होने को लेकर सवाल उठे थे। इससे पहले बिहार पुलिस ने भी जमुई मामले से जुड़े वीडियो और तस्वीरों के जरिए नाबालिग की पहचान उजागर करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कार्रवाई की थी।
Highlights:
CMO के स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद का नाम FIR में

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तस्वीर मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद द्वारा X पर अपलोड की गई थी। इसके बाद तस्वीर को अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर और रीपोस्ट किए जाने की बात सामने आई। सचिवालय थाने में सागर प्रसाद समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि तस्वीर किस स्तर पर अपलोड हुई और इसे आगे किन-किन लोगों ने सोशल मीडिया पर प्रसारित किया।
POCSO समेत इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
रिपोर्टों के मुताबिक, FIR में BNS की धारा 73, POCSO एक्ट की धारा 23, IT Act की धारा 66E और 67 लगाई गई हैं। मामला नाबालिग पीड़िता की पहचान सार्वजनिक होने के आरोप से जुड़ा है। POCSO एक्ट की धारा 23 नाबालिग पीड़ित की पहचान उजागर करने से संबंधित है। बिहार पुलिस पहले भी लोगों से अपील कर चुकी है कि नाबालिग पीड़ित की तस्वीर, नाम या ऐसी कोई जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें जिससे उसकी पहचान सामने आ सके।
रीपोस्ट और वायरल करने वालों की भूमिका भी जांचेगी पुलिस
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस अब केवल मूल पोस्ट से जुड़े व्यक्ति की भूमिका तक सीमित नहीं रहना चाहती। तस्वीर को रीपोस्ट करने और आगे प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया यूजर्स की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि तस्वीर किन-किन अकाउंट्स से शेयर हुई और किस स्तर पर इसे आगे फैलाया गया। बिहार पुलिस पहले ही जमुई मामले में नाबालिग की पहचान उजागर करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कार्रवाई कर चुकी है।
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मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद सामने आया था विवाद
जमुई मामले की पीड़िता और उसके परिवार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री के X हैंडल से परिवार के साथ तस्वीर पोस्ट की गई, जिसे बाद में हटा दिया गया। तस्वीर को लेकर नाबालिग की पहचान सार्वजनिक होने के सवाल उठे और राजनीतिक विवाद भी सामने आया। अब सचिवालय थाने में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की औपचारिक जांच कर रही है। जांच में तस्वीर अपलोड करने से लेकर उसे आगे शेयर करने वाले लोगों की भूमिका और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों को देखा जाएगा।






















