झरिया में APK फाइल से साइबर ठगी
Jharia Cyber Fraud: व्हाट्सऐप पर आई एक अनजान APK फाइल साइबर ठगी का कारण बन गई। झरिया के भगतडीह, दुखहरणी मंदिर के पास रहने वाले संजीव कुमार पांडेय साइबर अपराधियों के निशाने पर आ गए। पीड़ित के अनुसार, उनके मोबाइल फोन में अनजान APK फाइल डाउनलोड होने के बाद खाते से दो किस्तों में कुल 99 हजार रुपये निकाल लिए गए। संजीव पांडेय ने घटना की जानकारी झरिया थाना और साइबर थाना को दी है। उन्होंने राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर भी शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित का कहना है कि शिकायत के कई दिन बाद भी राशि की रिकवरी या आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर उन्हें कार्रवाई का इंतजार है।
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व्हाट्सऐप पर आई APK फाइल से शुरू हुई परेशानी
पीड़ित के मुताबिक, 24 सितंबर को उनके व्हाट्सऐप पर एक अनजान ग्रुप के जरिए APK फाइल आई थी। उनके मोबाइल में मीडिया ऑटो-डाउनलोड का विकल्प सक्रिय था, जिसके कारण फाइल अपने आप डाउनलोड हो गई। संजीव का दावा है कि फाइल डाउनलोड होने के कुछ ही समय बाद उनके मोबाइल में असामान्य गतिविधियां शुरू हो गईं। एक के बाद एक कई OTP के मैसेज आने लगे। इससे घबराकर उन्होंने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया।
दो ट्रांजैक्शन में खाते से निकले 99 हजार
मोबाइल दोबारा चालू करने के बाद उन्हें बैंक खाते से रकम निकलने की जानकारी मिली। पीड़ित के अनुसार, बैंक ऑफ इंडिया की एना शाखा में उनके खाते से पहले 49 हजार और फिर 50 हजार रुपये, यानी कुल 99 हजार रुपये निकाल लिए गए। खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलते ही संजीव पांडेय बैंक शाखा पहुंचे। बैंक अधिकारियों से जानकारी लेने के बाद उन्हें पता चला कि निकाली गई राशि बोकारो के सेक्टर-4 निवासी एक युवक के बैंक खाते में ट्रांसफर हुई है।
झरिया थाना और साइबर थाना में दी शिकायत
घटना के बाद संजीव पांडेय ने झरिया थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दी। इसके बाद उन्होंने धनबाद साइबर थाना से भी संपर्क किया। साइबर पुलिस के निर्देश पर उन्होंने राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित का कहना है कि घटना के कई दिन बीतने के बावजूद उन्हें पैसे की वापसी और आरोपियों पर कार्रवाई का इंतजार है। फिलहाल मामले में पुलिस की जांच और बैंकिंग लेन-देन से जुड़ी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
एक-एक रुपया जोड़कर जमा की थी रकम
संजीव पांडेय ने बताया कि वह पूजा-पाठ समेत मेहनत-मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। उनके अनुसार, उन्होंने लंबे समय में एक-एक रुपया जोड़कर यह रकम जमा की थी। ठगी के बाद परिवार के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। पीड़ित ने पुलिस और संबंधित अधिकारियों से मामले में जल्द कार्रवाई करने तथा ठगी की रकम वापस दिलाने की मांग की है।
अनजान APK फाइल से रहें सावधान
साइबर ठगी की ऐसी घटनाओं में अनजान स्रोत से आई APK फाइल डाउनलोड नहीं करना महत्वपूर्ण सावधानी है। व्हाट्सऐप या किसी अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर भेजी गई संदिग्ध फाइल को इंस्टॉल करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की पुष्टि करनी चाहिए। यदि बैंक खाते से अनधिकृत रकम निकल जाए तो तुरंत बैंक से संपर्क करने के साथ 1930 पर शिकायत दर्ज करना चाहिए। समय रहते शिकायत करने से लेन-देन को रोकने या रकम की रिकवरी की संभावना बढ़ सकती है।






















