Jharkhand Outsourcing Employees: झारखंड अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की बैठक रविवार को महासंघ कार्यालय में हुई। बैठक में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गयी। इस दौरान राज्य कमेटी का भी गठन किया गया। नई कमेटी में बोनिफास को संयोजक और बजरंग को कोषाध्यक्ष बनाया गया। वहीं निलेश, रणधीर, मो. वाशिम, फूलदेव, दिनेश और बबलू को सदस्य बनाया गया।
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वेतन और अवकाश के मुद्दे पर कर्मचारियों ने रखी बात
बैठक में कर्मचारियों की वेतन विसंगति, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के अवकाश और महिला आउटसोर्सिंग कर्मियों को विशेष अवकाश देने समेत कई मुद्दों पर विचार किया गया। कर्मचारियों ने आउटसोर्सिंग कर्मियों को 8 प्रतिशत वेतन वृद्धि का भुगतान नहीं होने और समय पर वेतन नहीं मिलने की समस्या भी उठायी। महासंघ की बैठक में इन समस्याओं के समाधान को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की गयी।
पूरे राज्य और देश में ठेका प्रथा बंद कराने की मांग
बैठक में पूरे राज्य और देश में ठेका प्रथा बंद कराने की मांग को लेकर कर्मचारियों को संगठित करने पर भी चर्चा हुई। इसके लिए आगे आंदोलन को मजबूत करने की रणनीति बनाने पर सहमति बनी। महासंघ की ओर से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठनात्मक स्तर पर सक्रियता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
दिसंबर में होगा प्रदर्शन
बैठक में निर्णय लिया गया कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर दिसंबर में झारखंड अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की अगुवाई में प्रदर्शन किया जायेगा। महासंघ के पदाधिकारियों ने कर्मचारियों से प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। बैठक में महासंघ के गोपाल शरण सिंह, महेश कुमार सिंह, भूषण कुमार, सौरव रिचर्ड्स, हिमांशु शेखर सिन्हा, चंद्रदीप ठाकुर, अजय कुमार, श्याम लाल चौधरी, रविरंजन त्रिपाठी, सुधीर थापा, बोनिफास कुजूर और भूषण मिंज समेत अन्य लोग मौजूद थे।






















