जमुआ: गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड में झारखंड एकता समाज की ओर से एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष जीत यादव ने की। इस दौरान हैदराबाद में कार्यरत प्रवासी मजदूरों, समाजसेवियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।
Highlights:
अध्यक्ष जीत यादव का बयान
प्रेस वार्ता के दौरान जीत यादव ने कहा कि फिलहाल झारखंड एकता समाज दो गुटों में विभाजित हो गया है।
उन्होंने बताया कि हाल में विपक्षी गुट द्वारा “झारो नदी तट पर मिलन समारोह” आयोजित किया गया था, लेकिन उसमें प्रवासी मजदूरों की भागीदारी बेहद कम रही — केवल 10–20 मजदूर उपस्थित थे, जबकि अधिकांश लोग बाहरी थे।
जीत यादव ने कहा —
“अगर सभी सदस्य मिलकर फिर से समाज सेवा के लिए एकजुट हों, तो झारखंड एकता समाज को और मजबूत बनाया जा सकता है।”
उन्होंने बताया कि उन्होंने अपना निजी व्यवसाय छोड़कर समाज सेवा को समर्पित किया, ताकि वे देश के विभिन्न राज्यों में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों की हर संभव मदद कर सकें।
सम्मान समारोह और एकता की अपील
कार्यक्रम के दौरान संगठन की ओर से स्थानीय पत्रकारों को स्टॉल, डायरी और पेन देकर सम्मानित किया गया।
उपस्थित समाजसेवियों और अतिथियों ने अध्यक्ष जीत यादव के सामाजिक कार्यों की प्रशंसा की और कहा कि प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए संगठन को एकजुट रहना चाहिए।
सभी प्रतिभागियों ने एक स्वर में कहा कि “झारखंड एकता समाज” केवल एक संगठन नहीं, बल्कि प्रवासी मजदूरों के लिए जीवनरेखा है, जिसे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सशक्त किया जाना चाहिए।






















