रक्षक सिंह के मोबाइल की फोरेंसिक जांच में खुलासा
JPSC Exam Scam, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही सीआइडी को अहम सुराग मिले हैं। जांच एजेंसी ने परीक्षा संचालन से जुड़ी कंपनी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड यानी TDPL के पूर्व कर्मचारी रक्षक सिंह के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कराई। जांच के दौरान सामने आया कि कथित परीक्षा फर्जीवाड़े के नेटवर्क में रक्षक सिंह की भी भूमिका थी। सीआइडी के अनुसार, उत्तर पुस्तिकाओं में हेराफेरी के अलावा अभ्यर्थियों के उत्तर तैयार करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है।
Highlights:
मोबाइल से मिला स्ट्रांग रूम से प्रश्न पत्र बाहर निकालने का वीडियो
सीआइडी को रक्षक सिंह के मोबाइल फोन की गैलरी से वन क्षेत्र पदाधिकारी यानी FRO नियुक्ति मुख्य परीक्षा से जुड़ा एक वीडियो मिला है। इस वीडियो में प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाओं को स्ट्रांग रूम से बाहर निकाले जाने की गतिविधियां दिखाई देने की बात कही गई है। जांच एजेंसी अब इस वीडियो के आधार पर परीक्षा सामग्री की सुरक्षा और उसके कथित दुरुपयोग की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। इससे परीक्षा संचालन में शामिल लोगों की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।
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सेटिंग वाले अभ्यर्थियों को दिए गए थे खास निर्देश
पूछताछ में रक्षक सिंह ने कथित तौर पर सीआइडी को बताया कि TDPL के निदेशक रणवीर सिंह ने उसे सेटिंग वाले अभ्यर्थियों को विशेष निर्देश देने के लिए कहा था। उसे बताया गया था कि अभ्यर्थी केवल उन्हीं प्रश्नों को हल करें, जिनके सटीक उत्तर उन्हें मालूम हों। जांच में यह भी सामने आया कि परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों की OMR शीट की कार्बन कॉपी रणवीर सिंह को उपलब्ध कराई गई थी। सीआइडी के अनुसार, FRO प्रारंभिक परीक्षा की खाली OMR शीट को बाद में TDPL कार्यालय में कर्मचारी प्रदीप सिंह और दो अन्य लोगों ने मिलकर भरा। रक्षक सिंह के मोबाइल से FRO प्रारंभिक परीक्षा की OMR कार्बन कॉपी और अभ्यर्थी कॉपी भी बरामद की गई है।
फरार एजेंट लालू यादव की भूमिका भी जांच के घेरे में
सीआइडी ने रांची स्थित विशेष अदालत में फरार आरोपित लालू यादव के खिलाफ भी साक्ष्य प्रस्तुत किया है। जांच के मुताबिक, पूर्व में गिरफ्तार TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी ने पूछताछ में लालू यादव को एजेंट बताया था। आरोप है कि लालू यादव JPSC परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की सेटिंग कराने का काम करता था। सीआइडी के अनुसार, वह खुद भी 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और FRO परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े के जरिए सफल हुआ था।
छापेमारी में मिले चेक और OMR की कार्बन कॉपी
सीआइडी ने पूर्व में लालू यादव के आवास पर छापेमारी की थी। इस दौरान अभय कुमार तिवारी के हस्ताक्षर वाले आठ लाख रुपये के चेक, अलग-अलग बैंकों के कई खाली चेक और अन्य अभ्यर्थियों की OMR शीट की कार्बन कॉपियां बरामद होने की बात कही गई है। जांच एजेंसी को यह भी पता चला कि लालू यादव ने UPI के माध्यम से अभय कुमार तिवारी को कथित तौर पर 1.40 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। फिलहाल लालू यादव फरार बताया जा रहा है और सीआइडी उसकी तलाश कर रही है। मामले में सामने आए सभी आरोपों और साक्ष्यों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।






















