बूटी मोड़ की दुकान में मिली युद्ध के दौरान इस्तेमाल होने वाली वर्दी; जांच में जुटी मिलिट्री इंटेलिजेंस और झारखंड ATS
रांची, 10 मई 2025 – झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बड़ा खुलासा सामने आया है। मिलिट्री इंटेलिजेंस (Military Intelligence) और झारखंड एटीएस (ATS) की संयुक्त कार्रवाई में शुक्रवार शाम बूटी मोड़ स्थित एक दुकान से सेना की नकली वर्दी और युद्ध में प्रयुक्त होने वाले कपड़े बरामद किए गए।
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कार्रवाई के दौरान दुकान संचालक को हिरासत में लेकर सदर थाना पुलिस के हवाले किया गया। बरामद वर्दी की गंभीर जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है। सेना को आशंका है कि इस तरह की वर्दी का उपयोग राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में किया जा सकता है।
लखनऊ से मिली खुफिया सूचना पर हुई कार्रवाई
बताया गया कि यह छापेमारी भारतीय सेना की लखनऊ स्थित खुफिया एजेंसी से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर की गई। सूचना थी कि रांची के बूटी मोड़ क्षेत्र की एक दुकान में सेना जैसी वर्दियां अवैध रूप से तैयार कर खुलेआम बेची जा रही हैं।
सूचना के बाद सक्रिय हुई मिलिट्री इंटेलिजेंस और झारखंड एटीएस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया और दुकान में छापेमारी कर कई थान कपड़े, सेना की डिजाइन वाली वर्दियां और अन्य सामान जब्त किए।
पूछताछ के बाद दुकानदार को छोड़ा गया, जांच जारी
हालांकि देर शाम सदर थाना प्रभारी कुलदीप ने बताया कि पूछताछ के बाद दुकानदार को पीआर बांड पर रिहा कर दिया गया है, लेकिन जरूरत पड़ने पर फिर से हाजिर होने का आदेश दिया गया है।
अब तक किसी भी सुरक्षा एजेंसी ने लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन सेना की ओर से वर्दी की वैधता को लेकर जांच तेज कर दी गई है।
सेना की वर्दी का दुरुपयोग: देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा
सेना का मानना है कि बाजार में इस तरह खुलेआम सेना की वर्दी की उपलब्धता राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
गौरतलब है कि हाल ही में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के बैसरन घाटी में आतंकवादियों ने सेना की वर्दी पहनकर 28 निहत्थे पर्यटकों की हत्या कर दी थी।
इस घटना के बाद पूरे देश में सुरक्षा बलों की वर्दी बेचने और पहनने को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
झारखंड में पहले से लागू है सख्त निर्देश
एसएसपी रांची ने स्पष्ट किया है कि झारखंड अब भी नक्सल प्रभावित राज्य माना जाता है, इसलिए राज्य में पहले से ही निर्देश जारी हैं कि कोई भी सिविलियन किसी भी फोर्स की वर्दी नहीं पहन सकता।
इस नियम का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अब वर्दी खरीदने के लिए पहचान पत्र देना अनिवार्य
सेना, पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य अर्धसैनिक बलों की वर्दी अब आम नागरिकों को नहीं दी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति ऐसी वर्दी खरीदना चाहता है तो पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
राज्य सरकार अब इन नियमों को और सख्ती से लागू कराने की दिशा में काम कर रही है ताकि किसी भी प्रकार की राष्ट्र विरोधी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई
रांची में नकली सेना की वर्दी की बरामदगी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
सुरक्षा एजेंसियां अब सतर्क हैं और ऐसी दुकानों पर कड़ी निगरानी रख रही हैं जो किसी भी रूप में सेना या सुरक्षा बलों से संबंधित वस्त्रों का अवैध रूप से उत्पादन और बिक्री कर रही हैं।
जल्द ही इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट और कार्रवाई की जानकारी सामने आने की संभावना है।





















