लालू के बुलावे पर पटना लौटीं रोहिणी आचार्य
Rohini Acharya Patna Return: बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को मिली हार और तेजस्वी यादव के साथ विवाद की चर्चाओं के बीच रोहिणी आचार्य एक बार फिर पटना लौट आई हैं। गुरुवार शाम अपने पिता लालू प्रसाद यादव के बुलावे पर पटना पहुंचीं रोहिणी के आने के बाद पार्टी में उनकी संभावित भूमिका को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। पटना एयरपोर्ट पर लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती ने उनका स्वागत किया। हालांकि, रोहिणी आचार्य ने स्पष्ट किया कि वह अपने माता-पिता के साथ रहने के लिए पटना आई हैं और उनकी वापसी को राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। दूसरी ओर, पार्टी सूत्रों के हवाले से यह चर्चा है कि RJD उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी देने पर विचार कर सकता है। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
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MLC चुनाव के बीच रोहिणी की वापसी से बढ़ी राजनीतिक चर्चा
रोहिणी आचार्य की पटना वापसी ऐसे समय हुई है, जब बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनाव होने हैं। इन सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान प्रस्तावित है। RJD ने आठ में से छह सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इनमें तीन सीटों पर RJD और कांग्रेस के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। दोनों दलों के अलग-अलग उम्मीदवार उतारने के फैसले के बाद महागठबंधन के भीतर चुनावी तालमेल को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे राजनीतिक माहौल में रोहिणी की वापसी को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पार्टी से जुड़े सूत्रों का दावा है कि रोहिणी को नई जिम्मेदारी देने के मुद्दे पर लालू प्रसाद यादव ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और परिवार के सदस्यों से बातचीत की है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें कोई संगठनात्मक या राजनीतिक जिम्मेदारी दी जाएगी या नहीं।
लालू-राबड़ी ने एयरपोर्ट पर किया स्वागत, तेजस्वी नहीं पहुंचे
गुरुवार को पटना एयरपोर्ट पर रोहिणी आचार्य के पहुंचने पर उनके पिता लालू प्रसाद यादव और मां राबड़ी देवी ने उनका स्वागत किया। इस दौरान रोहिणी अपने माता-पिता से गले मिलती नजर आईं। उनकी बहन मीसा भारती भी एयरपोर्ट पर मौजूद थीं। परिवार की इस मुलाकात के बाद रोहिणी और परिवार के बीच चल रही अनबन की चर्चाएं फिर सामने आ गईं। हालांकि, एयरपोर्ट पर तेजस्वी यादव मौजूद नहीं थे। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में सवाल उठे। इस पर RJD प्रवक्ता चितरंजन गगन ने बताया कि तेजस्वी यादव उस समय दिल्ली में थे, इसलिए वह रोहिणी को लेने एयरपोर्ट नहीं पहुंच सके।
रोहिणी बोलीं- राजनीति के चश्मे से न देखें वापसी
पटना पहुंचने के बाद पत्रकारों से बातचीत में रोहिणी आचार्य ने कहा कि वह अपने पिता के बुलावे पर आई हैं। उन्होंने अपने पटना आने को पारिवारिक मामला बताते हुए कहा कि इसे राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। हालांकि, सिंगापुर में रहने के दौरान उनके सोशल मीडिया पोस्ट लगातार चर्चा में रहे थे। इन पोस्ट में पार्टी की नई नियुक्तियों और कुछ फैसलों पर सवाल उठाए जाने की बात सामने आई थी। इसी वजह से उनकी वापसी के बाद RJD में उनकी भूमिका को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। रोहिणी को करीब से जानने वाले लोगों के मुताबिक, वह अपनी बात सीधे तौर पर रखने के लिए जानी जाती हैं। ऐसे में पार्टी के भीतर उनकी संभावित भूमिका को लेकर चर्चाएं होना स्वाभाविक है, लेकिन फिलहाल इस बारे में कोई औपचारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
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क्या RJD में मिलेगी नई जिम्मेदारी? आधिकारिक घोषणा का इंतजार
वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार के अनुसार, रोहिणी आचार्य की वापसी को पहली नजर में पारिवारिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, लालू प्रसाद यादव के राजनीतिक फैसलों को व्यापक राजनीतिक संदर्भ में भी देखा जाता रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष कई मौकों पर रोहिणी के बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए RJD पर निशाना साधता रहा है। ऐसे में उनकी वापसी से इस मुद्दे पर होने वाली राजनीतिक बयानबाजी का असर बदल सकता है। उन्होंने रोहिणी और लालू प्रसाद के बीच भावनात्मक संबंधों को भी इस घटनाक्रम का अहम पहलू बताया। फिलहाल रोहिणी आचार्य ने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने को लेकर कोई घोषणा नहीं की है और RJD ने भी उन्हें नई जिम्मेदारी देने की पुष्टि नहीं की है। ऐसे में उनकी पटना वापसी का पार्टी की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में ही स्पष्ट हो सकेगा।






















