निरसा: डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर निरसा प्रखंड के बैजना पंचायत स्थित बैजना चौक पर बाबा साहेब की प्रतिमा का अनावरण किया गया मौक़े बैजना पंचायत मुखिया अजय पासवान, माले नेता आगम राम,, बैजना कॉलियरी एजेंट एवं मैनेजर, कॉंग्रेस निरसा प्रखंड अध्यक्ष संतोष राय, बबलू दास एवं अन्य बुद्धिजीवी वर्ग उपस्थित थे कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब की प्रतिमा पर फूलमाला पहनाकर प्रतिमा का अनावरण किया गया एवं आयोजित कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया कार्यक्रम में आए हुए लोगों ने मुखिया अजय पासवान के इस नेक कार्य के लिए मुखिया की जमकर प्रशंसा की ओर बाबा साहेब की जीवनी पर प्रकाश डाला
जानकारी देते हुए विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब का जन्म 14 अप्रैल 1891 ईश्वी में मध्य प्रदेश में हुआ था.’बाबासाहेब भारतीय संविधान के जनक, महान समाज सुधारक, अर्थशास्त्री और स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री थे। उन्होंने दलितों, महिलाओं और श्रमिकों के अधिकारों के लिए जीवन भर संघर्ष किया और ‘अछूत’ प्रथा के खिलाफ आवाज उठाई। वे महार जाति से थे, जिसे तत्कालीन समाज में ‘अछूत’ माना जाता था, इसलिए उन्हें बचपन में भारी सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ा।उन्होंने भेदभाव के बावजूद पढ़ाई जारी रखी और कोलंबिया विश्वविद्यालय (अमेरिका) तथा लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट (Ph.D.) की डिग्री प्राप्त की।समाज सुधार और संघर्ष:1924 में ‘बहिष्कृत हितकारिणी सभा’ की स्थापना की।1927 में महाड में तालाब से पानी पीने के लिए ‘सत्याग्रह’ का नेतृत्व किया।जाति व्यवस्था को खत्म करने के लिए ‘अनीहिलेशन ऑफ कास्ट’ (Annihilation of Caste) जैसी पुस्तकें लिखीं।संविधान निर्माता: वे भारतीय संविधान की ड्राफ्टिंग कमेटी (संविधान निर्माण समिति) के अध्यक्ष थे, इसलिए उन्हें भारतीय संविधान का जनक कहा जाता है।1990 में उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया।उनका प्रसिद्ध मंत्र था—”शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो”।






















