निरसा: निरसा प्रखंड के मदनपुर पंचायत में सड़क निर्माण शिलान्यास के साथ ही श्रेय लेने की राजनीति भी खुलकर सामने आ गई। करीब 2 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से बनने वाली सिमुलडांगा से महताडीह तक ढाई किलोमीटर लंबी सड़क का शिलान्यास विधायक अरूप चटर्जी, जिला परिषद सदस्य संजय सिंह और मुखिया काजल पांडे द्वारा नारियल फोड़कर किया गया।
हालांकि, यह कार्यक्रम विकास से ज्यादा विवादों के कारण चर्चा में आ गया। शिलान्यास के लिए लगाया गया शिलापट टूटा हुआ पाया गया, जिसके बाद आनन-फानन में बैनर लगाकर कार्यक्रम पूरा किया गया।
जब विधायक अरूप चटर्जी की नजर बैनर पर लिखे नामों पर पड़ी, तो उन्होंने संवेदक (ठेकेदार) को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार के नियमों के अनुसार ही शिलापट पर नाम अंकित होने चाहिए और इसमें मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वहीं, जिला परिषद सदस्य संजय सिंह उर्फ पिंटू सिंह ने अपने नाम को लेकर हुए विवाद पर नाराजगी जताई। उन्होंने इसे “श्रेय छीनने की राजनीति” बताते हुए कहा कि सड़क निर्माण की अनुशंसा उन्होंने की थी और इसके दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। उन्होंने न्याय के लिए न्यायालय जाने की भी चेतावनी दी।
इस विवाद में स्थानीय मुखिया काजल पांडे भी पीछे नहीं रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें कार्यक्रम की जानकारी समय पर नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि जिस पंचायत में काम हो रहा है, वहां की मुखिया को ही सूचना न मिलना गंभीर लापरवाही है और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि इलाके में विकास कार्यों के साथ-साथ ‘क्रेडिट वॉर’ भी अपने चरम पर है। अब देखना यह होगा कि यह विवाद प्रशासनिक स्तर पर सुलझता है या न्यायालय तक पहुंचता है।





















