बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर वियतनाम गए थे दोनों युवक
Vietnam Road Accident, जमशेदपुर: बेहतर रोजगार की तलाश में वियतनाम गए झारखंड के दो युवकों की सड़क हादसे में मौत हो गई। मृतकों की पहचान रांची के राजा कुमार और जमशेदपुर के कदमा शास्त्रीनगर निवासी विनय यादव के रूप में हुई है। दोनों वियतनाम में योग शिक्षक के तौर पर काम कर रहे थे और करीब दो साल से वहीं रहकर अपने परिवार का आर्थिक सहारा बने हुए थे। 25 सितंबर को हुए सड़क हादसे के बाद दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अब परिजन अपने-अपने बेटों के शव भारत लाने की प्रक्रिया में जुटे हैं।
Highlights:
योग की क्लास के बाद स्कूटी से लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, 25 सितंबर को योग की कक्षा खत्म करने के बाद राजा कुमार और विनय यादव स्कूटी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान दोनों सड़क हादसे का शिकार हो गए। हादसे में राजा कुमार की उसी दिन मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से घायल विनय यादव को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 26 सितंबर को विनय की भी मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद दोनों परिवारों में मातम छा गया। अब परिजन वियतनाम से शव भारत लाए जाने का इंतजार कर रहे हैं।
कदमा के शास्त्रीनगर निवासी थे विनय यादव
विनय यादव जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र स्थित शास्त्रीनगर के रहने वाले थे। करीब दो साल पहले वह योग शिक्षक के रूप में काम करने के लिए वियतनाम गए थे। परिवार के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती शव को जल्द भारत लाना और इससे जुड़ी जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी करना है। रिपोर्ट के मुताबिक, विनय के शव को भारत लाने में 10 लाख रुपये से अधिक खर्च आने का अनुमान है।
राजा ने चार साल तक ली थी योग की ट्रेनिंग
रांची के राजा कुमार ने भी योग का प्रशिक्षण लेकर वियतनाम में इसे रोजगार का माध्यम बनाया था। परिवार के अनुसार, उन्होंने करीब चार वर्षों तक योग की ट्रेनिंग ली थी और इसके बाद वियतनाम में योग प्रशिक्षक के रूप में काम शुरू किया। परिवार के मुताबिक, राजा नियमित रूप से घर पैसे भेजते थे। विनय भी परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर करने के उद्देश्य से विदेश में काम कर रहे थे। दोनों युवकों ने योग के माध्यम से विदेश में रोजगार हासिल कर अपने परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत करने की कोशिश की थी।
शव भारत लाने के लिए प्रशासन से मदद की उम्मीद
हादसे के बाद दोनों परिवार शव भारत लाने की प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हैं। रांची के राजा कुमार के परिवार की ओर से जरूरी राशि और दस्तावेजों की व्यवस्था की जा रही है। राज्य के स्टेट माइग्रेंट वर्कर्स कंट्रोल रूम की प्रमुख शिखा लकड़ा के अनुसार, राजा के परिवार की ओर से शव वापस लाने के लिए करीब 14 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। वहीं, विनय यादव के परिवार की ओर से अभी आवेदन मिलने का इंतजार है। प्रशासन की ओर से दोनों परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल परिजनों की प्राथमिकता दोनों युवकों के शवों को जल्द से जल्द भारत लाना है।






















