रांची :राजनीतिक चंदे की आड़ में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी का मामला सामने आया है। आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा की जांच में खुलासा हुआ है कि गुजरात की “आम जनमत पार्टी” को चंदा देकर टैक्स में हेराफेरी की गई, जिसमें झारखंड और बिहार के लगभग 50 चार्टर्ड एकाउंटेंट्स (CAs) की संलिप्तता पाई गई है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, देशभर के करीब 500 हाई-पैकेज आईटी प्रोफेशनल्स ने मिलकर पार्टी को लगभग ₹2000 करोड़ का चंदा दिया। इसके बाद पार्टी ने 5% कमीशन काटकर शेष राशि नगद में दाताओं को लौटा दी। इस पूरे प्रकरण में CAs ने न केवल इन प्रोफेशनल्स को स्कीम में शामिल करने में मदद की, बल्कि खुद भी टैक्स लाभ उठाया।
कुछ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ने लौटी हुई नगद राशि अपने निजी खातों में जमा की, जबकि कई ने इसे अपने माता-पिता या रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किया। पूछताछ में कुछ सीए ने गड़बड़ी स्वीकार की है।
आयकर विभाग ने इस मामले में इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) को पत्र भेजकर दोषी सीए के लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा की है। जानकारी के अनुसार, इनमें से कई सीए देश की प्रतिष्ठित कंपनियों में उच्च पदों पर कार्यरत हैं।
यह मामला राजनीतिक दलों के माध्यम से हो रही फंडिंग पर गंभीर सवाल खड़े करता है और टैक्स कानूनों के दुरुपयोग की गंभीर तस्वीर पेश करता है।





















