Dhanbad Maharana Pratap Bhawan: राजपूत समाज के वर्षों पुराने सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। महासप्तमी के अवसर पर सरायढेला के कार्मिक नगर स्थित बीसीसीएल क्वार्टर के पीछे महाराणा प्रताप भवन के निर्माण के लिए वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाज के लोगों ने भवन निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग और निर्माण सामग्री देने की घोषणा की।
Highlights:
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ भूमि पूजन
महाराणा प्रताप जन कल्याण एवं भवन निर्माण ट्रस्ट के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में राजपूत विचार मंच के पदाधिकारियों और समाज के कई लोगों ने हिस्सा लिया। भूमि पूजन के दौरान भवन निर्माण को लेकर उत्साह देखने को मिला। आयोजकों के अनुसार, प्रस्तावित भवन समाज की एकता, सांस्कृतिक विरासत और जनकल्याणकारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है।
समाज के लोगों ने दिया आर्थिक और सामग्री सहयोग
भवन निर्माण के लिए समाज के कई लोगों ने सहयोग दिया। इसमें पार्षद पति संटू सिंह के पिता सुरेश सिंह ने 25 हजार रुपये, कार्यकारी अध्यक्ष अरविंद सिंह ने 150 पैकेट सीमेंट और महामंत्री शशिकांत सिंह ने 100 पैकेट सीमेंट देने का सहयोग किया। वहीं, कोषाध्यक्ष महीप सिंह ने 11 हजार रुपये और होटल एसबी इंटरनेशनल के संचालक संतोष सिंह ने 5,001 रुपये दिए। इसके अलावा समाज से जुड़े दर्जनों लोगों ने भी भवन निर्माण में सहयोग किया।
अरुण कुमार सिंह ने दोहराया निर्माण का संकल्प
कार्यक्रम में केंद्रीय अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह और अन्य पदाधिकारियों ने भवन निर्माण के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि समाज से किया गया वादा अब पूरा होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि निर्माण कार्य में समाज के लोगों का सहयोग लगातार मिलता रहेगा और भवन का निर्माण निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ेगा।
सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का बनेगा केंद्र
प्रस्तावित महाराणा प्रताप भवन को सामाजिक, सांस्कृतिक और जनकल्याणकारी गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। आयोजकों के मुताबिक, यहां समाज के लोगों को विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के साथ नई पीढ़ी को अपनी विरासत, संस्कार और इतिहास से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
15 जनवरी के बाद निर्माण कार्य में तेजी की उम्मीद
आयोजकों ने आशा व्यक्त की कि भवन का निर्माण पूर्ण वातानुकूलित सुविधाओं के साथ किया जाएगा। उनके अनुसार, 15 जनवरी के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाने की योजना है। भूमि पूजन के साथ ही भवन निर्माण की दिशा में औपचारिक शुरुआत हो गई है। अब इस परियोजना को पूरा करने के लिए समाज के लोगों के सहयोग और निर्माण कार्य की प्रगति पर नजर रहेगी।






















