धनबाद: धनबाद जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे नजर आ रही है। जिला मुख्यालय के बड़े अस्पतालों से लेकर प्रखंड स्तर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक हालात बदहाल हैं।
ताजा मामला बाघमारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां नॉर्मल डिलीवरी के बाद एक नवजात बच्ची की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन के अभाव में बच्ची ने दम तोड़ दिया।
इतना ही नहीं, प्रसव के दौरान मौजूद स्वास्थ्य सहियाओं ने अस्पताल की अव्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए इस्तीफा देने तक की बात कही।
वहीं सीएचसी प्रभारी ने मामले में उच्चस्तरीय जांच की बात कही है और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
📺 वीओ (Voice Over):
निचितपुर दो पंचायत के खोनाठी बस्ती निवासी ठाकुर उर्फ लखन महतो अपनी पत्नी सरस्वती देवी को प्रसव के लिए बाघमारा सीएचसी लेकर पहुंचे थे।
डॉक्टर और नर्स की मौजूदगी में नॉर्मल डिलीवरी कर बच्ची का जन्म हुआ। लेकिन जन्म के तुरंत बाद नवजात की तबीयत बिगड़ने लगी।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध नहीं था। डॉक्टरों ने नवजात को दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी, लेकिन एम्बुलेंस भी उपलब्ध नहीं कराई गई।
मजबूरी में परिजन नवजात को टोटो से दूसरे अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना से नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
फिलहाल इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब देखना होगा कि जांच के बाद जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।






















