गिरिडीह: गिरिडीह जिले के बेंगाबाद प्रखंड में कार्यरत अनुबंध अंचल अमीन अर्जुन प्रसाद वर्मा एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। इस बार उन पर सरकारी राशन कार्ड के माध्यम से कथित रूप से गलत तरीके से राशन उठाव करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। मामले को लेकर मधवाडीह पंचायत के मुखिया मो. सिद्दीक अंसारी ने कई सवाल खड़े करते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, मधवाडीह पंचायत के मुखिया मो. सिद्दीक अंसारी ने बुधवार को बेंगाबाद प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की जांच करने और कार्रवाई करने की मांग की है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि अर्जुन प्रसाद वर्मा द्वारा अपनी वास्तविक आय को छुपाकर पीएच राशन कार्ड बनवाया गया और लंबे समय से सरकारी राशन का उठाव किया जा रहा है।
मुखिया का आरोप है कि अर्जुन प्रसाद वर्मा के पुत्र शंभू प्रसाद वर्मा की लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद मृतक के नाम पर भी राशन उठाए जाने की बात सामने आई है। यदि यह आरोप सही पाया जाता है तो यह सरकारी नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।
वहीं एक और बड़ा आरोप यह लगाया गया है कि बेंगाबाद अंचल में अर्जुन प्रसाद वर्मा स्वयं कार्य करते हैं, जबकि गांडेय अंचल में अपने बड़े बेटे दिवाकर प्रसाद वर्मा को काम में लगाकर कार्य कराया जा रहा है। अब स्थानीय लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर दिवाकर प्रसाद वर्मा को किस आधार पर नौकरी मिली और उनकी नियुक्ति प्रक्रिया क्या थी। लोगों का कहना है कि उनकी नौकरी और संबंधित दस्तावेजों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इधर इस मामले में एक और बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर राशन कार्ड और राशन उठाव की जानकारी राशन डीलर को पहले से थी, तो आखिर उन्होंने इस पर आपत्ति क्यों नहीं जताई। मृतक के नाम पर राशन उठाने की बात यदि सही है तो संबंधित डीलर की भूमिका पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। लोगों का कहना है कि पूरे मामले में केवल लाभुक ही नहीं बल्कि राशन वितरण से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब अर्जुन प्रसाद वर्मा का नाम विवादों में सामने आया हो। इससे पहले भी जमीन मापी और अन्य सरकारी कार्यों को लेकर कई शिकायतें और आवेदन दिए जाने की बात कही जाती रही है। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
इस पूरे मामले को लेकर के अगले पक्ष अर्जुन प्रसाद वर्मा से अब तक संपर्क नहीं हो पाई है अगर वह खबर चलने के बाद संपर्क करते हैं तो उनका भी पक्ष 11 स्कोप में दिखाया जाएगा*






















