देवघर: साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए, देवघर पुलिस ने पत्थरड्डा, देवीपुर और करोन थाना क्षेत्रों से 10 कथित साइबर जालसाजों को गिरफ्तार किया है। यह ऑपरेशन पुलिस अधीक्षक (SP) प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर साइबर और टेक्निकल सेल की टीम ने चलाया। पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान गिरफ्तार लोगों के पास से 22 मोबाइल फोन और 19 सिम कार्ड बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि बरामद सिम कार्डों में से कई सिम कार्ड अलग-अलग राज्यों में ऑनलाइन धोखाधड़ी के दर्ज मामलों से जुड़े हैं।
Highlights:
तकनीकी सबूतों के आधार पर छापेमारी
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत तकनीकी सबूतों और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद, अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की गई और उन्हें गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार लोगों में से दो के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
Google Pay और PhonePe का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी के आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपी Google Pay, PhonePe और Paytm के कस्टमर सर्विस प्रतिनिधि बनकर लोगों को कैशबैक का लालच देते थे। आरोप है कि वे लोगों को PhonePe अकाउंट बनाने या गिफ्ट कार्ड खरीदने के लिए बहला-फुसलाकर उनसे धोखाधड़ी करते थे, जिन्हें बाद में जालसाज खुद भुना लेते थे। इसके अलावा, आरोपियों ने Airtel Payments Bank के अधिकारी बनकर भी लोगों को धोखा दिया। पुलिस का कहना है कि Airtel Thanks App के जरिए लोगों को यह कहकर धोखा दिया गया कि उनके Airtel Payments Bank कार्ड डीएक्टिवेट हो रहे हैं, और फिर मदद के बहाने उन्हें दोबारा एक्टिवेट करने के लिए बहकाया गया।
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मोबाइल फोन और सिम कार्ड की जांच जारी
पुलिस अभी बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की तकनीकी जांच कर रही है। इस कोशिश का मकसद ऑनलाइन धोखाधड़ी के अन्य मामलों और आरोपियों के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाना है। पूछताछ के दौरान, पुलिस साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क और गिरफ्तार लोगों से जुड़े अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। देवघर पुलिस के अनुसार, साइबर अपराध के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा।






















