Khan Sir Controversy: बिहार के जाने-माने टीचर और कोचिंग सेंटर चलाने वाले खान सर (जिन्हें फैसल खान के नाम से भी जाना जाता है) एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। यह मामला तब चर्चा में आया जब पटना के पीरबहोर थाने में एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई। उत्तर प्रदेश की रहने वाली इस महिला ने आरोप लगाया है कि उन्हें खान सर से जान का खतरा है। उन्होंने मुख्यमंत्री और ज़िला प्रशासन से सुरक्षा की भी मांग की है। हालांकि, महिला के आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इन दावों की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही साफ हो पाएगी।
Highlights:
2017-18 की घटनाओं से जुड़े आरोप
महिला के अनुसार, ये घटनाएं 2017-18 की हैं। अपनी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि खान सर पटना में एक दोस्त के कमरे में जाते थे और वहां कई घंटे बिताते थे। महिला का दावा है कि उन्होंने कई बार इस पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि बाद में उन्हें पुलिस केस में फंसाने की कोशिश की गई। महिला ने 25 अगस्त 2026 को पटना में मीडिया के सामने भी अपना पक्ष रखा, जिससे इस मामले पर चर्चा और तेज़ हो गई।
महिला के समर्थन में निखिल सर ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
इस विवाद के बीच, निखिल सर जो पहले खान सर के साथ काम कर चुके एक टीचर हैं ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। हुस्नारा खातून नाम की इस महिला का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए और उन्हें न्याय मिलना चाहिए। निखिल सर ने दावा किया कि वे महिला और उनके परिवार की परिस्थितियों से वाकिफ हैं। उन्होंने महिला के चरित्र पर सवाल उठाने वालों से भी अपील की कि वे पूरी जानकारी के बिना कोई टिप्पणी न करें। हालांकि, निखिल सर के दावों की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
खान सर से जुड़े पुराने मामलों का ज़िक्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, निखिल सर ने खान सर के साथ अपने पुराने जुड़ाव और 2017 के आसपास हुई घटनाओं के बारे में बात की। उन्होंने दावा किया कि उस समय, एक कोचिंग संस्थान से जुड़े विवाद के बाद फैसल खान उनके संपर्क में आए थे और उन्होंने उनकी मदद करने की कोशिश की थी। निखिल सर ने पुलिस से जुड़े एक पुराने मामले का भी ज़िक्र किया। इन दावों की अब तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
निखिल सर ने महिला के खिलाफ पुलिस केस दर्ज कराने के आरोप से इनकार किया।
निखिल सर ने इस दावे को भी खारिज कर दिया कि उन्होंने महिला के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करने के लिए उकसाया था। उन्होंने कहा कि अगर किसी मामले में FIR दर्ज की गई है, तो उसकी असल स्थिति पुलिस रिकॉर्ड और दस्तावेजों से साफ होनी चाहिए। उन्होंने आरोप-प्रत्यारोप के दौर के बजाय पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने मीडिया से भी मामले के तथ्यों को सही ढंग से पेश करने की अपील की।
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स्थिति स्पष्ट करने के लिए पुलिस जांच
खान सर के खिलाफ महिला की शिकायत और निखिल सर के दावों के बाद, पुलिस जांच अहम हो गई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए, पुलिस दस्तावेजों, संबंधित लोगों के बयानों और अन्य उपलब्ध सबूतों की जांच कर सकती है। इस चरण में, दोनों पक्षों के दावों के आधार पर कोई भी निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। मामले की असलियत पुलिस जांच और उपलब्ध सबूतों से ही साफ हो पाएगी।






















