Aryan Kelvin Reel Dispute: भूली इलाके में सोशल मीडिया पर रील बनाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब मारपीट और जानलेवा हमले के आरोप तक पहुंच गया है। भूली ए ब्लॉक निवासी ऋषि प्रकाश ने अमन पंडित उर्फ आर्यन केल्विन समेत कई लोगों पर अपने और परिजनों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है।
Highlights:
मामले को लेकर ऋषि प्रकाश ने भूली थाना में लिखित शिकायत देकर पुलिस से जांच और कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
रास्ते में रोककर मारपीट करने का आरोप
ऋषि प्रकाश के अनुसार, वह अपनी दादी को आजाद नगर स्थित चाचा के घर पहुंचाकर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान ए ब्लॉक दुर्गा मंदिर के पास अमन पंडित उर्फ आर्यन केल्विन, सुमित कुमार पांडे, नवीन चौहान, अजय कुमार और सलीम मल्लिक ने उन्हें रोक लिया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद सभी ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। किसी तरह वहां से निकलकर वह अपने घर पहुंचे, लेकिन आरोप है कि कुछ देर बाद वही लोग अपने समर्थकों के साथ उनके घर भी पहुंच गए और वहां हमला कर दिया।
भाई और चाचा को भी घायल करने का आरोप
ऋषि प्रकाश ने शिकायत में आरोप लगाया है कि घर पर हुए हमले के दौरान उनके भाई रोहण प्रताप पर धारदार हथियार से हमला किया गया। वहीं, उनके चाचा दीपक कुमार सिंह को लाठी से मारकर घायल करने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि हमलावरों ने उनकी हत्या की नीयत से गला दबाने की कोशिश की। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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घायल दीपक सिंह ने भी बताई घटना
घटना में घायल बताए जा रहे दीपक कुमार सिंह ने भी रील बनाने को लेकर पहले से विवाद होने की बात कही। उनका आरोप है कि इसी विवाद के चलते आर्यन केल्विन और उसके समर्थक रात में उनके घर पहुंचे और मारपीट की।
उन्होंने दावा किया कि हमलावरों के पास लाठी समेत अन्य हथियार भी थे। हालांकि, इन दावों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल ऋषि प्रकाश की लिखित शिकायत के आधार पर मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण है। शिकायत में कई लोगों के नाम का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की गई है।
घटना को लेकर लगाए गए मारपीट और जानलेवा हमले के आरोपों की सच्चाई पुलिस जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर स्पष्ट होगी। फिलहाल शिकायतकर्ता और घायल पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।






















