Jairam Mahto Anticipatory Bail: डुमरी विधायक जयराम महतो को मंगलवार को धनबाद की एमपी/एमएलए कोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली। अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। जयराम महतो के साथ सुशील मंडल, महेंद्र साव और राजकुमार मंडल की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका पर विशेष न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता शाहनवाज ने पैरवी की। उन्होंने अदालत से आरोपियों को गिरफ्तारी से अस्थायी संरक्षण देने की मांग रखी। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने इस मांग का विरोध किया।
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गिरफ्तारी पर अस्थायी रोक की मांग का हुआ विरोध
बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि मामले में गिरफ्तारी पर फिलहाल अस्थायी रोक लगाई जाए। इसके पीछे आरोपियों को तत्काल गिरफ्तारी से राहत देने की मांग की गई थी। इस मांग का अपर लोक अभियोजक सत्येंद्र राय ने विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की केस डायरी तलब की। अदालत ने फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश नहीं दिया है। इसका मतलब यह है कि मामले में आरोपियों को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण नहीं मिला है। अब केस डायरी और मामले से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर अदालत आगे की सुनवाई में मामले को देखेगी।
बरवाअड्डा थाने में दर्ज हुआ है मामला
मामला धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र से जुड़ा है। बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बयान पर 22 अगस्त को थाना में कांड संख्या 146/26 दर्ज किया गया था। मामले में जयराम महतो, सुशील मंडल समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, थाना परिसर में पुलिस पदाधिकारियों के साथ कथित तौर पर गलत व्यवहार किया गया और हाजत में बंद गणेश दास को समर्थकों के माध्यम से बाहर निकालने के लिए कहा गया।
पुलिस ने थाना परिसर में हंगामे का लगाया आरोप
पुलिस का आरोप है कि घटना के दौरान विधायक के समर्थकों ने थाना परिसर में हंगामा किया और पुलिसकर्मियों के काम में कथित रूप से बाधा डाली। इसी घटनाक्रम के आधार पर बरवाअड्डा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। फिलहाल अदालत ने केस डायरी मंगाई है और गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार किया है। मामले में जयराम महतो समेत अन्य आरोपियों की ओर से अग्रिम जमानत के लिए न्यायालय का रुख किया गया था। अग्रिम जमानत का उद्देश्य गिरफ्तारी की स्थिति में पहले से कानूनी संरक्षण प्राप्त करना होता है।
अब केस डायरी पर टिकी अगली सुनवाई
जयराम महतो सहित अन्य आरोपियों ने पहले प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। इसके बाद सोमवार को इस मामले को सुनवाई के लिए एमपी/एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया था। मंगलवार की सुनवाई में अदालत ने केस डायरी तलब कर मामले से जुड़े दस्तावेजों को देखने का निर्णय लिया है। फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक नहीं लगाई गई है। ऐसे में अगली सुनवाई में केस डायरी और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर अदालत के रुख पर नजर रहेगी। यह मामला जयराम महतो के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। अब अदालत में होने वाली अगली सुनवाई और केस डायरी में सामने आने वाले तथ्यों से मामले की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।






















