धनबाद: पारसनाथ स्टेशन पर अपने परिवार से बिछड़े लगभग 7 साल के बच्चे को रेलवे कर्मचारियों की तत्परता से सुरक्षित उनके परिवार से मिला दिया गया। यह घटना 1 सितंबर को रात करीब 12:20 बजे हुई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कमर्शियल इंस्पेक्टर सुनील मीणा, वेद प्रकाश मिश्रा और राहुल कुमार के साथ-साथ TTE प्रिंस कुमार और भरत कुमार को पारसनाथ स्टेशन पर बच्चा अकेला मिला।
बच्चे ने अपना नाम और घर का पता बताया
रेलवे कर्मचारियों ने बच्चे से संवेदनशीलता से बात की। बच्चे ने अपना नाम विजय बताया और कहा कि वह अपने परिवार के साथ पारसनाथ घूमने आया था। उसने बताया कि उसका घर बोकारो थर्मल में है और वह पारसनाथ स्टेशन पर अपने परिवार से बिछड़ गया था। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत बच्चे के अभिभावकों से संपर्क करने की प्रक्रिया शुरू की।
Highlights:
अभिभावकों से संपर्क के बाद बच्चे को धनबाद लाया गया
कमर्शियल इंस्पेक्टरों ने बच्चे से अभिभावकों का संपर्क विवरण लिया और परिवार से बातचीत की। बच्चे की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसे सुरक्षित धनबाद लाया गया। इसके बाद, बच्चे को धनबाद में डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट (SS) को सौंप दिया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान रेलवे अधिकारियों ने बच्चे की सुरक्षा और उसे सुरक्षित परिवार तक पहुंचाने को प्राथमिकता दी।
दस्तावेज़ों की जांच के बाद बच्चे को परिवार को सौंपा गया
धनबाद पहुंचने पर बच्चे ने अपने अभिभावकों की पहचान की। ज़रूरी दस्तावेज़ों की जांच के बाद, बच्चे को सुरक्षित उसके अभिभावकों को सौंप दिया गया। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई यात्रियों की सहायता और सुरक्षा के प्रति रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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धनबाद डिवीजन यात्रियों की सुरक्षा और सहायता के लिए प्रतिबद्ध
धनबाद डिवीजन ने कहा कि रेलवे यात्रियों की सुरक्षा, सहायता और सुविधा को प्राथमिकता देता है। स्टेशन पर किसी यात्री या बच्चे के परेशानी में होने की सूचना मिलने पर संबंधित कर्मचारी ज़रूरी कार्रवाई करते हैं।पारसनाथ स्टेशन पर बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार से मिलाने में रेलवे कर्मचारियों द्वारा दिखाई गई तत्परता की व्यापक रूप से सराहना की जा रही है।






















