NHAI Green Highway Awards 2026: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘ग्रीन हाईवे एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026’ के विजेताओं की घोषणा कर दी है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे लैंडस्केपिंग, पौधरोपण और हरित क्षेत्रों के प्रबंधन में बेहतर काम करने वाली परियोजनाओं को प्रोत्साहित करना और सम्मानित करना है। इस वर्ष पुरस्कारों को तीन प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया। इनमें एवेन्यू प्लांटेशन, मीडियन प्लांटेशन और भूमि क्षेत्रों में पौधरोपण शामिल हैं। भूमि क्षेत्रों की श्रेणी में क्लोवर लीफ, इंटरचेंज, टोल प्लाजा और सर्विस एरिया जैसे स्थानों को शामिल किया गया।
Highlights:
एवेन्यू प्लांटेशन में आंध्र प्रदेश की परियोजना अव्वल
एवेन्यू प्लांटेशन यानी सड़क के किनारे पौधरोपण की श्रेणी में आंध्र प्रदेश के NH-16 पर चिलकलुरिपेट बाईपास सिक्स-लेनिंग प्रोजेक्ट को प्रथम पुरस्कार मिला। यह परियोजना NHAI के RO-विजयवाड़ा के अंतर्गत आती है। गुजरात में वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के पदरा से वडोदरा सेक्शन के 8-लेन वडोदरा-किम एक्सप्रेसवे को द्वितीय पुरस्कार दिया गया। यह RO-गांधीनगर के अंतर्गत है। तृतीय पुरस्कार NH-925 के गगारिया-बाखासर सेक्शन और NH-925A के सट्टा-गंधव सेक्शन को मिला, जो RO-जयपुर के अंतर्गत आते हैं। वहीं त्रिची-कैराकुडी सेक्शन के वार्षिक रखरखाव और इंसिडेंट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
मीडियन प्लांटेशन में NH-163 प्रोजेक्ट को पहला स्थान
मीडियन प्लांटेशन यानी राजमार्ग के डिवाइडर क्षेत्र में पौधरोपण की श्रेणी में NH-163 के हैदराबाद-यादगिरी फोर-लेनिंग प्रोजेक्ट को प्रथम पुरस्कार मिला। यह परियोजना RO-हैदराबाद के अंतर्गत है। गुजरात के वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के सांपा से पदरा सेक्शन को इस श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार मिला। वहीं वाराणसी रिंग रोड पैकेज-I के हरहुआ से संदहा सेक्शन, NH-31 को तृतीय पुरस्कार दिया गया।
भूमि क्षेत्रों में नागपुर की परियोजना को पहला पुरस्कार
तीसरी श्रेणी भूमि क्षेत्रों में पौधरोपण की रही। इसमें नागपुर के NH-44 स्थित जामठा क्लोवर लीफ और ऑक्सीजन बर्ड पार्क को प्रथम पुरस्कार मिला। दिल्ली के अंतर्गत आने वाले दुहाई इंटरचेंज के भूमि क्षेत्र को द्वितीय पुरस्कार दिया गया। यह ToT बंडल-7 परियोजना का हिस्सा है। लखनऊ-अयोध्या रोड और लखनऊ आउटर रिंग रोड के जंक्शन पर लूप क्षेत्रों में किए गए मियावाकी पौधरोपण को इस श्रेणी में तृतीय पुरस्कार मिला।
86 परियोजनाओं ने पुरस्कार के लिए कराया नामांकन
ग्रीन हाईवे एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026 के लिए NHAI के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से देशभर से नामांकन आमंत्रित किए गए थे। इस प्रक्रिया में कुल 86 नामांकन प्राप्त हुए। इनमें 27 नामांकन एवेन्यू प्लांटेशन, 36 मीडियन प्लांटेशन और 23 नामांकन भूमि क्षेत्रों में पौधरोपण की श्रेणी में मिले। प्रारंभिक जांच के बाद तीनों श्रेणियों में पांच-पांच यानी कुल 15 परियोजनाओं को अंतिम मूल्यांकन के लिए चुना गया।
पौधों की सर्वाइवल रेट को मिला सबसे अधिक महत्व
परियोजनाओं के मूल्यांकन में पौधों की सर्वाइवल रेट को सबसे अधिक महत्व दिया गया। इसके अलावा पौधरोपण की कार्ययोजना, पौधरोपण का समय, गड्ढों का आकार, पौधों की गुणवत्ता और सुरक्षा उपायों को भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाया गया। इसके साथ ही स्वीकृत डिजाइन के अनुसार काम, पौधों की प्रजातियों में विविधता और स्थानीय प्रजातियों के इस्तेमाल जैसे मानकों को भी देखा गया। इसका उद्देश्य केवल पौधरोपण की संख्या के बजाय उनके बेहतर रखरखाव और लंबे समय तक टिकाऊ हरित विकास को महत्व देना है।
यह भी पढ़ें: मसौढ़ी में छह महीने पहले बनी सड़क दरधा नदी में बही, गुणवत्ता पर उठे बड़े सवाल
2025 में शुरू हुए थे ग्रीन हाईवे अवॉर्ड्स
‘ग्रीन हाईवे एक्सीलेंस अवॉर्ड्स’ की शुरुआत NHAI ने वर्ष 2025 में की थी। यह पहल ग्रीन हाईवे पॉलिसी 2015 के तहत शुरू की गई है। इसका व्यापक उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के साथ पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देना है। पुरस्कारों के माध्यम से राजमार्ग परियोजनाओं में बेहतर पौधरोपण, लैंडस्केपिंग और हरित प्रबंधन की अच्छी प्रथाओं को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।






















