PV Sindhu Hylo Open 2026: भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू ने शानदार वापसी करते हुए जर्मनी में आयोजित हाइलो ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर लिया है। रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू ने डेनमार्क की आठवीं वरीयता प्राप्त लाइन होजमार्क केयर्सफेल्ड को सीधे गेम में 21-12, 21-14 से शिकस्त दी। इस जीत के साथ सिंधू ने मौजूदा सीजन का अपना दूसरा BWF वर्ल्ड टूर खिताब हासिल किया। इससे पहले उन्होंने जुलाई में जापान ओपन का खिताब जीता था।
Highlights:
39 मिनट में सिंधू ने जीता फाइनल मुकाबला
जर्मनी के सारब्रकेन में खेला गया फाइनल मुकाबला 39 मिनट तक चला। विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर काबिज सिंधू ने शुरुआत से ही मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी। उन्होंने आक्रामक खेल और सटीक शॉट के दम पर डेनमार्क की खिलाड़ी को दबाव में रखा और उसे वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया।
इस जीत से सिंधू ने BWF वर्ल्ड टूर फाइनल्स में जगह बनाने की अपनी दावेदारी भी मजबूत कर ली है। फ्रेंच ओपन के फाइनल में हार के बाद इस खिताबी जीत को उनकी शानदार वापसी के रूप में देखा जा रहा है।

बिना कोई गेम गंवाए फाइनल तक पहुंचीं सिंधू
सिंधू का पूरे टूर्नामेंट में प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत भारत की प्रकृति भरत को हराकर की। इसके बाद फ्रांस की रोसी ओक्टाविया पंकासारी को मात दी। क्वार्टर फाइनल में जर्मनी की अमाली शुल्ज को हराकर उन्होंने सेमीफाइनल में जगह बनाई।
सेमीफाइनल में सिंधू ने हमवतन अनमोल खरब को 21-13, 21-16 से हराया। खास बात यह रही कि उन्होंने फाइनल तक पहुंचने के दौरान एक भी गेम नहीं गंवाया।
दूसरी ओर, लाइन होजमार्क केयर्सफेल्ड को खिताबी मुकाबले तक पहुंचने के लिए कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। सेमीफाइनल में उन्होंने थाईलैंड की पोर्नपावी चोचुवोंग को 8-21, 21-19, 28-26 से हराया था। इस रोमांचक मुकाबले में उन्होंने चार मैच पॉइंट भी बचाए थे।
पहले गेम से ही सिंधू ने बनाया दबाव
फाइनल में सिंधू ने आत्मविश्वास के साथ शुरुआत की, हालांकि शुरुआती गलतियों के कारण केयर्सफेल्ड ने स्कोर 3-3 से बराबर कर लिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने अपनी लय हासिल की और सटीक शॉट के साथ नेट पर भी अच्छा खेल दिखाया। सिंधू ने 8-5 की बढ़त बनाई और ब्रेक तक तीन अंकों की बढ़त कायम रखी।
इसके बाद उन्होंने कोर्ट के पिछले हिस्से से शानदार शॉट लगाकर अपनी बढ़त बढ़ाई। एक बेहतरीन बैकहैंड विनर के बाद सिंधू 17-12 से आगे हो गईं। उन्होंने पहला गेम 21-12 से जीतकर मुकाबले में बढ़त बना ली।
दूसरे गेम में भी सिंधू ने अपनी लय बरकरार रखी। केयर्सफेल्ड को वापसी का मौका दिए बिना भारतीय खिलाड़ी ने 21-14 से दूसरा गेम जीत लिया और हाइलो ओपन की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

सिंधू बोलीं- हर अंक पर ध्यान देना जरूरी था
खिताब जीतने के बाद पीवी सिंधू ने कहा कि उनके लिए प्रतिद्वंद्वी की रैंकिंग या पहचान से ज्यादा महत्वपूर्ण अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना था। उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ी पहले भी कई बार आमने-सामने आ चुकी हैं, इसलिए मुकाबले के दौरान हर अंक पर ध्यान केंद्रित रखना जरूरी था।
सिंधू के मुताबिक, शुरुआत से बढ़त बनाने के बाद उन्होंने प्रतिद्वंद्वी को वापसी का मौका नहीं दिया। अपनी मौजूदा फॉर्म पर उन्होंने कहा कि वह अपने सर्वश्रेष्ठ खेल की ओर लौट रही हैं। इसका श्रेय उन्होंने अपनी पूरी टीम को दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनके खेल में अभी सुधार की गुंजाइश बाकी है।






















