Tejashwi Yadav Vote Bachao Rally: दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में तेजस्वी ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने और उन्हें जेल भेजने की मांग की। हालांकि, ये सभी आरोप और मांगें तेजस्वी यादव के राजनीतिक भाषण का हिस्सा थीं। रैली में तेजस्वी यादव ने महाभारत और शकुनि का उदाहरण देते हुए लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लोग तय कर रहे हैं कि किसे वोट देने का अधिकार मिलेगा और किसे नहीं। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। रैली में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया।
Highlights:
शकुनि का उदाहरण देकर तेजस्वी ने लोकतंत्र की लड़ाई का किया आह्वान
तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में कहा कि रामलीला मैदान आमतौर पर रामायण के आयोजन के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार यहां वोट चोरों के खिलाफ महाभारत हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब शकुनि अपनी चाल चल रहा है, तो उसका मुकाबला करने के लिए कुरुक्षेत्र में उतरना होगा। तेजस्वी ने कार्यकर्ताओं और रैली में मौजूद समर्थकों से लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को किसी भी कीमत पर खत्म नहीं होने देना है। उनके भाषण में चुनावी प्रक्रिया, मतदाताओं के अधिकार और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका प्रमुख मुद्दे रहे।
चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर को लेकर उठाए सवाल
आरजेडी नेता ने चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सॉफ्टवेयर तैयार करने के लिए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) को टेंडर दिया गया था, लेकिन इससे संबंधित दस्तावेज कहां हैं, इसकी जानकारी सामने आनी चाहिए। तेजस्वी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री के लिए भी तीखी राजनीतिक टिप्पणियां कीं। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस के लोग यह तय कर रहे हैं कि किस व्यक्ति को वोट देने का अधिकार मिलेगा और किसे मतदाता सूची से बाहर रखा जाएगा। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पारदर्शिता की मांग की।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग
तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी सीधा निशाना साधा। उन्होंने उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कठपुतली बताते हुए उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने और जेल भेजने की मांग की। तेजस्वी ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे भविष्य में कोई भी लोकतंत्र को कमजोर करने की हिम्मत नहीं करे। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाएं अपनी जिम्मेदारियों का ठीक से निर्वहन नहीं कर रही हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया।
वोटरों और चीटरों के बीच लड़ाई बता तेजस्वी ने साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने मौजूदा राजनीतिक स्थिति को वोटरों और चीटरों के बीच की लड़ाई बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि अब उन्हें देश और ज्ञानेश कुमार में से किसी एक को चुनना होगा। उन्होंने कहा कि वह बिहार की धरती से आते हैं और बिहार के लोग ऐसे लोगों को सबक सिखाएंगे। इसके साथ ही तेजस्वी ने उत्तर प्रदेश के लोगों से आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराने की अपील की। उनके इस बयान को रैली में मौजूद विपक्षी दलों के समर्थकों के बीच राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा गया।
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अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में वोट कटने का मुद्दा उठाया
रैली में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि रैली की तैयारियों के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से बताया गया कि राज्य में 1.27 लाख हिंदू मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं। अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि हर विधानसभा क्षेत्र में करीब 31 हजार वोट कम हुए हैं। इस मुद्दे पर उन्होंने अंगद के पैर का उदाहरण देते हुए कहा कि जब जमीन ही नहीं बचेगी, तो पैर कहां रखा जाएगा। इस तरह INDIA गठबंधन की रैली में चुनाव आयोग की भूमिका, मतदाता सूची और वोट देने के अधिकार को लेकर विपक्षी नेताओं ने अपने सवाल और आरोप सामने रखे।






















