गोविंद मिश्रा रोड की दवा मंडी में नशे की दवाओं की भारी खेप मिली, शराबबंदी के बाद बढ़ा कारोबार
पटना (बिहार) – बिहार की राजधानी पटना के गोविंद मिश्रा रोड स्थित राज्य की सबसे बड़ी दवा मंडी में नारकोटिक्स (नशे की दवाइयां) की बिक्री का बड़ा खुलासा हुआ है। ड्रग डिपार्टमेंट की छापेमारी में यह बात सामने आई कि प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की बड़े पैमाने पर खुदरा बिक्री की जा रही थी, और इन्हें राज्य के अन्य जिलों में भी भेजा जा रहा था।
Highlights:
छापेमारी में मिली भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं
ड्रग विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि गोविंद मिश्रा रोड पर स्थित मेडिकल मंडी में नारकोटिक्स दवाइयों का अवैध कारोबार हो रहा है। जब विभाग ने छापेमारी की, तो भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं जब्त की गईं।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी तरह से गैरकानूनी और खतरनाक गतिविधि है, क्योंकि इन दवाओं का उपयोग नशे के रूप में किया जा रहा है।
शराबबंदी के बाद बढ़ी नशे की दवाओं की मांग
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद नशीली दवाओं की तस्करी और उपयोग में तेज़ी आई है। सूत्रों के अनुसार, इस मंडी से नशे की दवाइयां छोटे पैकेट्स में तैयार करके अलग-अलग जिलों में भेजी जाती थीं, जिन्हें नशे के आदी लोग अवैध रूप से खरीदते थे।
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राज्यभर में फैला नेटवर्क: जांच में जुटा ड्रग विभाग
ड्रग डिपार्टमेंट अब यह पता लगाने में जुटा है कि इस मंडी से जुड़े किन-किन जिलों में नारकोटिक्स दवाइयों की आपूर्ति की जा रही थी। तस्करों और सप्लायर्स की पहचान के लिए कई ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। इस मामले में कई मेडिकल शॉप संचालकों से पूछताछ की जा रही है।





















