सीएसआईआर-सीआईएमएफआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एम.एस. संतोष को वर्ष 2025 के लिए ग्लोबल यंग एकेडमी (GYA) का सदस्य चुना गया। यह सम्मान उनकी वैज्ञानिक उपलब्धियों और सामाजिक प्रतिबद्धता को मान्यता प्रदान करता है।
डॉ. एम.एस. संतोष, वरिष्ठ वैज्ञानिक, सीएसआईआर-सीआईएमएफआर, को 2025 के लिए ग्लोबल यंग एकेडमी (GYA) का सदस्य चुना गया। यह चयन भारत के वैज्ञानिक योगदान और युवा नेतृत्व को वैश्विक पहचान देता है।
Highlights:
डॉ. एम.एस. संतोष का चयन वैश्विक वैज्ञानिक मंच पर भारत की उपस्थिति को मजबूत करता है
सीएसआईआर-केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (सीआईएमएफआर), धनबाद के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एम.एस. संतोष को ग्लोबल यंग एकेडमी (GYA) द्वारा वर्ष 2025 के लिए सदस्य चुना गया है। यह सम्मान उन्हें विश्वभर के 32 देशों के 45 नवचयनित वैज्ञानिकों में स्थान देकर प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि वैज्ञानिक उत्कृष्टता और विज्ञान आधारित सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
ग्लोबल यंग एकेडमी क्या है?
GYA एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय मंच है जो 200 विशिष्ट युवा वैज्ञानिकों को एकजुट करता है। इसकी स्थापना 2010 में हुई थी और यह वैज्ञानिक उत्कृष्टता, सामाजिक प्रभाव, विज्ञान नीति, और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्य करती है। GYA के सदस्य विज्ञान कूटनीति, नीति संवाद, शिक्षा आउटरीच, और विज्ञान संचार जैसी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
डॉ. संतोष का पांच वर्षों का वैश्विक कार्यकाल
GYA में सदस्यता 5 वर्षों की होती है, जिसके दौरान डॉ. संतोष को 70 से अधिक देशों के वैज्ञानिकों के साथ नेटवर्किंग, वैश्विक परियोजनाओं में सहयोग, और विज्ञान नीति निर्माण में योगदान देने का अवसर मिलेगा। इस चयन से भारत के अनुसंधान और नवाचार में युवा वैज्ञानिकों की भूमिका को वैश्विक मंच पर सशक्त मान्यता मिली है।
यह भी पढ़े : सारण जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में 2 लोगों की गोली मारकर हत्या, पुलिस जांच में जुटी
भारत के लिए गौरव का विषय
डॉ. संतोष का चयन न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह भारत के वैज्ञानिक समुदाय के लिए गर्व का क्षण है। यह भारत की वैज्ञानिक क्षमता, युवा नेतृत्व और वैश्विक अनुसंधान में योगदान को रेखांकित करता है।





















