झारखंड के बहुचर्चित ₹38 करोड़ शराब घोटाले में आईएएस अधिकारी विनय चौबे और गजेंद्र सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब एसीबी ने 7 दिनों की रिमांड मांगी है। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
38 करोड़ रुपये के झारखंड शराब घोटाले में गिरफ्तार आईएएस विनय चौबे और गजेंद्र सिंह से पूछताछ के लिए एसीबी ने कोर्ट से 7 दिनों की रिमांड मांगी है। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है और अब रिश्तेदारों की संपत्ति की भी जांच शुरू हो गई है।
Highlights:
झारखंड में 38 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार आईएएस अधिकारी विनय चौबे और गजेंद्र सिंह से पूछताछ के लिए विशेष विजिलेंस कोर्ट से 7 दिनों की रिमांड मांगी है। कोर्ट ने इस पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
20 मई को आईएएस विनय चौबे और गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया था। इसके अगले दिन 21 मई को झारखंड राज्य औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (जियाडा), रांची के रीजनल डायरेक्टर, जेएसबीसीएल के तत्कालीन जीएम (ऑपरेशन एंड फाइनेंस) सुधीर कुमार, वर्तमान जीएम (फाइनेंस) सुधीर कुमार दास और मार्शन कंपनी के प्रतिनिधि नीरज कुमार सिंह को भी गिरफ्तार किया गया।
रिश्तेदारों की संपत्ति जांच के घेरे में
जांच में एसीबी को यह संदेह है कि विनय चौबे ने अवैध तरीके से अर्जित धन को अपने रिश्तेदारों के माध्यम से निवेश किया है। इसी कड़ी में अब उनके रिश्तेदारों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया है। इसके अलावा, एसीबी ने विनय चौबे, उनकी पत्नी और अन्य रिश्तेदारों सहित कुल 8 लोगों की संपत्ति की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
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अब तक कुल 5 गिरफ्तारियां
इस घोटाले में अब तक कुल 5 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एसीबी की ओर से जांच लगातार जारी है और शीघ्र ही नए खुलासे सामने आ सकते हैं।






















