बाघमारा के तारगा फोरलेन के पास निर्माणाधीन पेट्रोल पंप के पीछे मिला शव, तीन घंटे तक नहीं उठाया शव, हत्या की आशंका
बाघमारा के महुदा थाना क्षेत्र के जंगल में गुरुवार को एक अज्ञात महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गई। थाना सीमा विवाद के चलते शव तीन घंटे तक मौके पर पड़ा रहा। हत्या की आशंका जताई जा रही है।
Highlights:
बाघमारा में जंगल से मिला अज्ञात महिला का शव, थाना सीमा विवाद के कारण तीन घंटे तक पड़ी रही लाश
गुरुवार सुबह बाघमारा अनुमंडल के महुदा थाना क्षेत्र अंतर्गत फोरलेन स्थित तारगा के पास निर्माणाधीन पेट्रोल पंप के पीछे जंगल में एक अज्ञात महिला का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों की नजर जब शव पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए।थाना सीमा विवाद के कारण हुई जांच में देरी ।
सूचना पाकर महुदा, मधुबन और धर्माबांध थाने को जानकारी दी गई, लेकिन थाना सीमा विवाद के कारण किसी भी थाने ने शुरुआती कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। करीब तीन घंटे तक शव उसी हालत में मौके पर पड़ा रहा। इससे न सिर्फ स्थानीय लोग आक्रोशित हुए, बल्कि पुलिस प्रशासन की संवेदनहीनता पर भी सवाल उठने लगे।
थाना सीमा विवाद बना जांच में बाधा
घटना की सूचना मिलने के बाद भी पुलिस की ओर से त्वरित कार्रवाई नहीं हो पाई। थाना क्षेत्र को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही और तीनों थाने एक-दूसरे की सीमा में घटना स्थल होने की बात कहकर जिम्मेदारी लेने से बचते रहे।
करीब तीन घंटे के बाद, आपसी सहमति से महुदा थाना ने पहल करते हुए विवादित क्षेत्र को अपने अधिकार क्षेत्र में मानते हुए शव को कब्जे में लिया। इसके बाद पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए धनबाद भेजा गया।
हत्या की आशंका, जांच में जुटी पुलिस
शव की स्थिति को देखकर प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकाला है। शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है और न ही महिला की उम्र या पहचान से जुड़ी कोई जानकारी सामने आई है।
बाघमारा के महुदा थाना प्रभारी ने दूरभाष पर बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आसपास के इलाकों में पूछताछ कर महिला की पहचान और घटना के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
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बाघमारा के स्थानीय लोग नाराज, उठाए सवाल
घटना के बाद शव को तीन घंटे तक यूं ही जंगल में पड़ा रहने देने को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी गई। लोगों ने थाना सीमा विवाद को लेकर असंतोष जताते हुए कहा कि इस तरह की स्थिति में अगर सबूत मिटा दिए जाते हैं या जांच में देरी होती है, तो इसका नुकसान पीड़ित परिवार को ही भुगतना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को इस प्रकार की स्थिति के लिए एक स्पष्ट और त्वरित प्रक्रिया तय करनी चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में फौरन कार्रवाई हो सके।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
कानूनी जानकारों के अनुसार, बाघमारा में थाना सीमा विवाद को लेकर पुलिस द्वारा कार्रवाई में देरी करना गंभीर प्रशासनिक चूक मानी जाती है। अपराध स्थल चाहे किसी भी थाने के क्षेत्र में हो, पहली प्राथमिकता शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू करना होना चाहिए।
आगे की कार्रवाई पर नजर
महिला की शिनाख्त अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस की ओर से पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर हत्या की पुष्टि होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जिससे कोई सुराग मिल सके।
रिपोर्टर: सूरजदेव मांझी, बाघमारा






















