झरिया: मैनुअल लोडिंग फिर से चालू कराने और स्थानीय लोगों को रोजगार देने की मांग को लेकर एटक (AITUC) से संबद्ध यूनाइटेड कोल वर्कर्स यूनियन ने देवप्रभा परियोजना के पास अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
धरने का नेतृत्व भौंरा ईजे एरिया के सचिव गफ्फार अंसारी कर रहे हैं।
Highlights:
धरने की प्रमुख मांगें:
- मशीन की जगह मैनुअल लोडिंग बहाल की जाए
- स्थानीय प्रभावितों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए
- बाहरी लोगों की जगह स्थानीय मजदूरों को डीओ और ट्रांसपोर्टिंग कार्य में लगाया जाए
यूनियन की नाराज़गी:
धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने भौंरा महाप्रबंधक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
गफ्फार अंसारी ने आरोप लगाया कि:
“मशीनों के जरिए कोयला लोडिंग शुरू होने से हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए हैं।
धूल और प्रदूषण की मार झेलने वाले स्थानीयों को नौकरी की बजाय बाहर से लोगों को काम दिया जा रहा है।
महाप्रबंधक ने कई बार वादा करके वादाखिलाफी की है।”
पलायन की चेतावनी:
आंदोलनकारियों का कहना है कि स्थानीय लोग रोजगार के अभाव में पलायन को मजबूर हैं।जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, धरना अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।
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