रांची:झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2023 के परिणाम को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पाँच सीटों को आरक्षित रखने का निर्देश दिया है। यह निर्देश दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थी राहुल वर्धन की याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति आनंद सेन की एकलपीठ ने दिया।
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क्या है मामला?
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राजीव सिन्हा और रोहित सिन्हा ने अदालत को बताया कि दिव्यांग श्रेणी के लिए 13 पद आरक्षित थे, लेकिन सिर्फ 8 पदों पर ही नियुक्ति की गई है। इसपर कोर्ट ने JPSC और राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि अगले आदेश तक 5 सीटों पर कोई नियुक्ति न की जाए और इस संबंध में जवाब दाखिल किया जाए।
फरवरी में लिए गए थे आवेदन, कुल 342 पदों पर भर्ती
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2023 के लिए फरवरी 2024 में आवेदन आमंत्रित किए थे। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत:
- डिप्टी कलेक्टर के लिए 207 पद
- डीएसपी के लिए 35 पद
- कुल 342 रिक्तियां घोषित की गई थीं
- उम्मीदवारों को उम्र में 7 साल की छूट दी गई थी
- इनमें से 155 पद अनारक्षित थे
JPSC ने इस परीक्षा का परिणाम पिछले महीने ही जारी किया है।
आगे क्या?
अब अदालत के निर्देशानुसार, जब तक इस याचिका पर अंतिम सुनवाई नहीं हो जाती, 5 सीटों पर नियुक्ति नहीं की जा सकेगी। यह फैसला दिव्यांग अभ्यर्थियों के हक और उनके आरक्षण से जुड़े नियमों की गंभीरता को दर्शाता है।






















