झरिया:झरिया से इस वक्त बड़ी खबर आ रही है, जहां BCCL पाथरडीह कोल वाशरी के पास स्थित मिवान स्टील लिमिटेड (मोनेट) वाशरी के गेट पर लगातार तनाव का माहौल बना हुआ है। रैयत शंकर उर्फ जादू महतो द्वारा आत्मघाती कदम उठाए जाने के बाद से गुस्साए परिजनों और JLKM नेताओं के समर्थन में प्रदर्शन जारी है। शव को फैक्ट्री गेट पर रखकर परिजनों ने जमकर हंगामा और विरोध प्रदर्शन किया।
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क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, मोनेट वाशरी प्रबंधन के साथ शंकर महतो की 5 एकड़ 71 डिशमिल जमीन का 2012 में धनबाद के तत्कालीन उपायुक्त और टूंडी विधायक मथुरा महतो की मौजूदगी में एग्रीमेंट हुआ था। लेकिन, प्रबंधन ने न केवल उसका ठेका कार्य रद्द कर दिया, बल्कि बकाया राशि का भुगतान भी नहीं किया, जिससे वह पिछले 13 वर्षों से मानसिक रूप से प्रताड़ित और परेशान था।
इस अत्यधिक तनाव और आर्थिक तंगी के चलते 28 अगस्त को शंकर महतो ने आत्मघाती कदम उठाया। गंभीर हालत में उन्हें बोकारो BGH में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृत्यु पूर्व बयान में लगाए गए गंभीर आरोप
मृत्यु से पूर्व शंकर महतो ने अपने बयान में मोनेट के एचआर संजय कुमार, BCCL के पीओ विपिन कुमार और स्थानीय नेता सबुर गोराई को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। इसके बाद परिजनों और JLKM समर्थकों में भारी आक्रोश फैल गया है।
विधायक जयराम महतो घटनास्थल पर पहुंचे, वार्ता विफल
घटनास्थल पर बीती रात झारखंड के तेजतर्रार नेता और विधायक जयराम महतो पहुंचे और उन्होंने मोनेट प्रबंधन से वार्ता की, लेकिन यह बेनतीजा रही। जयराम महतो ने साफ शब्दों में कहा कि वे किसी भी हालत में मजदूरों और रैयतों के हितों से समझौता नहीं करेंगे।






















